SWAGAT GEET
मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम
स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम
स्वागतम ——–
कैसा पवन सुहावन समय आज हैहै आप आये अतिथियों में सरताज है -२
देव की भांति पूजन करे आज हम, स्वागतम——
मन की बगिया से हमने ये कालिया चुनी ,श्रद्धा के फूलो से हमने माला बुनी -२
कर रहे मिल के अर्पित सुमन आज हम स्वागतम स्वागतम स्वागतम