महावीर जी की पालकड़ी
महावीरजी री पालकड़ी, रतनां जड़ी
हांओ जिणजी पहला ऋषभनाथ वांदस्यां, हांओ जिणजी दूजा अजितनाथदेव ।। महाहांओ जिणजी अगणा संभवनाथ वांदस्यां, हांओ जिणजी चौथा अभिनंदना देव ।। महावीर…हांओ जिणजी पांचवां सुमतिनाथ वांदस्यां, हांओ जिणजी छठा पदम् प्रभु देवा ।।
हांओ जिणजी सातवां सुपार्श्वनाथ वांदस्यां, हांओ जिणजी आठवां चंद्र प्रभुदेव ।। महावीर
हांओ जिणजी नवां सुविधिनाथ वांदस्यां, हांओ जिणजी दसवां शीतल प्रभु देव।।हांओ जिणजी ग्यारहवां श्रेयांसनाथ वांदस्यां, हांओ जिणजी बारहवा वासुपूज्यदेव ।। महावीर…
हांओ जिणजी तेरहवां बिमल प्रभु वांदस्यां, हांओ जिणजी चवदवां अनन्तनाथ देव।।
हांओ जिणजी पन्द्रहवां धर्मनाथ बांधस्या,
हांओ जिणजी सोलहवां शांतिनाथदेव ।। महावीर..
.हांओ जिणजी सत्रहवां कुन्थुनाथ वांदस्यां, हांओ जिणजी अठारहवां अर नाथ देव।। हांओ जिणजी उन्नीसवां मल्लिनाथ वांदस्यां,
हांओ जिणजी बीसवां सुव्रत प्रभुदेव ।। महावीर…हांओ जिणजी इक्कीसवां नेमिनाथ वांदस्यां,
हांओ जिणजी बाईसवा अरिष्ठनेमी देव ।।
हांओ जिणजी तेईसवां पार्श्वनाथ वांदस्यां,
हांओ जिणजी चौबीसवां महावीर(देवावसान पर घर से अंतिम विदाई के समय भी गाया जाने वाला गीत)देव ।। महावीर…