यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.
छाई खुशियां बेअंदाज
तर्ज (Tune): – कितना बदल गया इन्सान
भजन के बोल / Lyrics
रचयिता – नचिकेता मुनि आदित्य कुमार
छाई खुशियां बेअंदाज । कुल पर कलश चढ़ाया तुमने, तुम पर हमको नाज ।।
तप की महिमा प्रभु ने गाई, तप की महिमा गण में छाई। रोग-शोक बाधा विघ्नों का, तप है सहज ईलाज ।। छाई खुशियां….
साहस से जो कदम बढ़ाता,
निश्चित अपनी मंजिल पाता।
अनहद हिम्मत दिखलाई है, पहना तप का ताज ।। छाई खुशियां….
सेवा में मानव सुर आते, मुक्त कंठ से मंगल गाते।
दशों दिशाएं आज बधाती, पुलकित सकल समाज ।। छाई खुशियां….
गुरूवर आशीर्वर सुखदाई, मुनिवर से नव शक्ति पाई।
दृढ़ ईच्छाशक्ति के द्वारा पूर्ण किया तप आज ।। छाई खुशियां….