सै’ री आँखडल्यॉ रो तारो—-
सै’री ऑखडल्यों रो तारो म्हारो प्यारो राजस्थान प्यारो राजस्थान म्हारो प्यारो राजस्थान, सैरी
गोरां गोरां टीबां ऊपर खेत खड्या मुस्कावै,
नैणा सुरमो सार गोरड़ी भातो लेकर आवै ।
गावै अलगोजा री तान म्हारो प्यारो हमारो राजस्थान ।।१।।
राणा सरीखा पुत्र हुवै तो धरती भी सरावै,
चेतक जिस्या घोड़ा ढूंढ्या और कठै नी पावै ।
होग्या मालिक पर कुरबान म्हारो प्यारो राजस्थान ॥२॥
लड़वा नै जद गयो सायबो मंगवाई सैनाणी,
ले कटार सिर काट दे दियो धन्य धन्य क्षत्राणी ।
जुग जुग गावै थारो गान है म्हारो प्यारो राजस्थान ।। ३॥
वीर पद्मनी हाडी रानी गणगोर्ऱ्यां रो भेस,
देवी देवता देखण आवै कर जोग्याँ रो वेश ।
चक्कर खावै है भगवान म्हारो प्यारो राजस्थान ।।४।।
गोरा बादल जयमल पत्ता तलवारां खड़काई,
भामा जिस्या दानी देखो, देखो मीरां बाई ।
पन्ना धाई रो बलिदान म्हारो प्यारो राजस्थान ॥५॥
जयपुर देखो कोटा देखो, देखो बीकानेर,
उदयपुर चित्तौड़ देखल्यों, देखो थे अजमेर ।
आ तो वीरों री खाण म्हारो प्यारो राजस्थान ।।६।।