तर्ज: (ले तो आये हो हमें)
हम तो आये हैं तेरे, शरर्णे प्रभु पार्श्वजी २ हम सब की लाज प्रभु, तँ ही रखना, रखना SSSSS
जलती लकड़ी से जोड़ा नाग का बचाया था,
तू ने ही मन्त्र नवकार भी सुनाया था.
कमठयोगी, अभिमानी का मान मिटा,
जगमग जगाई ज्योति ज्ञान प्रकाश की, हम तो आये हैं॥१॥
दुर्व्यसनों में अपना जीवन बिताते हैं,
कर्मों की आन्धी से चिराग बुझे जाते हैं.
हम बेखबर, भटके हुओं को राह दिखा,
तैरा भरोसा हमें तेरा विश्वास जी, हम तो आये हैं ॥ २ ॥
हे करुणा सिन्धु प्रभु आनन्ददाता हो, हे जगत्राता तू ही मुक्ति के दाता हो. एक नजर, कर दो दया की प्रभु हम पर, “वीर मंडल” तो तेरे चरणों का दास जी
हम तो आये हैं ॥३॥