काया थारी नगरी में बोल जको कुण है,
बोल जको कुण है ओ सुण जको कुण है -2
1.तुम ही तो तालो रामा ,तुम ही तो चाबी-2
ताला म चाबी लगावे जको कुण है लगावे जको कुण है ओ खोल जो कुण है, काया थारी नगरी में बोल जको कुण है
2.तुम ही तो सुतों रामा तुम ही तो जागो-2
सुता पछ सपना मे आव जो कुण है आव जको
कुण है ओ डोल जको कुण है, काया थारी नगरी में बोल जको कुण है
3.तुम ही तो दियो रामा तुम ही तो बाती -2
दिया म बाती जलाव जको कुण है जल जको कुण है काया था री नगरी ——-