म्हारे घर में लाग्यो फोन करल्यो हेलो हेलो
बनडै रा मासीजी लागै चमक छल्लो
बनड़े रै ब्याव में आयो है कुणकुण
बनडै रा सासुजी लागै टुन टुन
कोई पीवे दूध कोई पीले ज्यूस,
बनडे के पापा लागे पुरा मक्खीचुस
चरकी तो कचोरी लागे मीठी लागे कतली
बनडे की मम्मी देखो झाडु जैसी पतली
घर में नौकर घूमे बागों में घूमे माली
बनडे री भाभी कोयल जैसी काली
बनडे की दादी करे देखो सेवा,
सेवा करते करते मिल गया मेवा
(लय- तुने ओ रंगीले -)(Bana)
तूने ओ बन्नाजी कैसा जादू किया,
बन्ना बन्ना बोले मतवाला जिया
छल्ला पहना के ये क्या किया
बन्ना बन्ना बोले मतवाला जिया
बारात ले के, सेहरा सजाके, तुने तो बदल डाली दुनिया नार ही वो बतिया नार ही वो सखियां, रही ना वो पहले वाली गलियां, नैन मिलाके ये क्या किया.
Bana
बहना छोडी भावज छोडी, छोड़ी वो बचपन की सखियां नई है नगरिया नई है डगरिया, नई है ये सपनों की दुनिया प्रीत लगा के ये क्या किया-
मत कर ठिठोली, छोड हमजोली देखेगी सास ननदिया मारेगी जब ताना तो क्या करोगी बहाना
समझ न आये तेरि बतिया महलों मे लाके ये क्या किया–