Swikaro Dev Hamri

J-Joint, M -Mail, F-Femail

स्वागत गीत (फूलो का तारो का सबका कहना है)
स्वीकारो देव ह‌मारी सो-२ वन्दनाए, 
स्वागतकर तन मन हरषाएं-2
 लिखने पधारे गुरुवरनई ऋचाए, स्वागतकर (F
नव प्रभातकी नव किरणों से अभि-वन्दनाएं (M) (白)
अलाप-आआआ-र हो हो -2
① खिले गुलावो की सुषमा सौरभ आगन में फैली हो-खिले गुलाबों की M) हो होहो(j) स्वर्ग उतर धरती पर आया, आभानई नवेली हो(F)
खिले गुलाबो की. दिगदिशन्त में महाषमबने कहाराईणि विजय पताका दिगादिगन्त
विजय पता का
તારાજી હોદોડડદ) विजय पताका (ल) होहोहोड ( मय वरदायी (ल) दिल्ली से नैग्बी, धेगी मंगल भय वरद
सयाजा लम्बी हो दिल्लीचे तेग्रुप में नयी-2 परिकल्पनाएं स्वागत कर लवमन हरपाल स्वीकारो
देखी (रसी पेटने पर सारे पेरंगाफ
③श्री तुलसी नेनारी जाति को जगने का वरदान दिया 
श्री तुलसीसे (M) होहोहो 
श्रीतुलसी-स्वागत का यह सीन निराला लगता ऐसा खिला-खिला
मंगल कलश लेआज बधाएं स्वागत कर तनमन ह रषाए ④ घी के दीप जले घर-2 में आई आज दीवाली है, घी के दीप जले-
कन्या मण्डल के कण कण मे छाई नव खुशहाली है-2
भावीकी आशा  ले किशोर मण्डल अष्टक ले आया  शुभ भविष्य पूज्‌यवरो ने श्रीमुख सेफरमाया हो, मंगल मंगल सब मंगल गाए स्वागत कर….
स्वीकारो….
स्वागत स्वागत स्वागत करती ज्ञान शालाएं सारी 
अक्कल के कच्चे बच्चे श्रावक  युग के सच्चे अवतारी 
इन पर करुणा दृष्टि टिकायें श्रमण श्रमणिया कुछ जाए
स्वीकारो देव..

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top