यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
आपका स्वागत है श्रीमान
बड़े भाग्य जो आप बने है हम सब के मेहमान
हुए मनोरथ पूर्ण हमारे माननीय से मिलकर
चार चाँद लग गये हमारे इस पावन अवसर पर
आज आपके शुभागमन पर बढी हमारी शान
हम सबका उत्साह आपने कितना आज बढाया
हुए क्रुतार्थ और हम सबका मन फूला न समाया
किस प्रकार से कर आपका हम स्वागत सम्मान अभिनन्दन हमकरे आपका उसे करे स्वीकार
है श्रीमान प्रफुलित कितना विद्यालय परि वार
अतिथि देव बन आप पधारे स्वागत हो हो
स्वीकार
द्वार हमारे आप आगये सहज लुटाते प्यार
साधन कम पर भाव विह्नल है स्वागत को श्रीमान
आशा है स्वीकार करेंगे भाव सुमन का हार