“Aayo Jyu Hi Jasi

यह पारंपरिक भक्ति शैली में रचा गया गीत है। A song in traditional devotional form.

आयो ज्यू ही जासी

आयो ज्यू ही जासी, ओ अवसर कद ,कद पासी रे , बोल मीठों बोल बेसी जीणो है नहीं,
अरे बोल मीठों बोल बेसी जीतो है नही
1.चौरासी भटक्यो जद भोला मिनख जमारो पायो है
झूठ जग री झुठी माया मूरख क्यु भरमायो है
अरे भलों किया सु भलों हुवेला,बुरों किया पछतासी रे,बोल मीठों बोल बेसी जीणो है नहीं 
2.कुण है थारो,कुण है म्हारो कोई यन आडो आवेला, बणी बात रा सगला साथी बिगड़या हंसी उडावेला
धरम किया स्सु कर्म कटेला पाप किया दुख पासी रे, बोल मीठों बोल, बेसी जीणो है नही,
3.ओ जीवन कागज रो टुकडों, बूंद पड़या गल जावेला,कंचन काया राख बणेली ,जीव अकेलो जावेला,अरे धरम किया स्सू धर्म हुवेला पाप किया पछतासी रे ,बोल मीठों बोल बेसी जीणो है नहीं, 
आयो ज्यू ही जासी ओ अवसर कद कद पासी रे बोल मीठों बोल बेसी जीणो है नहीं 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top