1.Ab Lagale Lagan 2.oh re Dhyan dharo prabhu ka 3,pyare sabse nyare

अब लगाले लगन

(तर्ज तुम से लागी लगन ……)
अब लगाले लगन, कर प्रभु का भजन,
चेत प्राणी। बीती जाय तेरी जिन्दगानी। । टेक ।।
किसको कहता है पगले तू अपना,
यह तो संसार का झूठा सपना।
है न कोई सगा, आखिर देंगे दगा, बहता पानी ।।
बीती जाय तेरी जिन्दगानी । ।। ।।
यह तो संसार ममता माया,
बस चक्कर में तुझको फंसाया।
ये तो झूठा जहाँ, कोई है न यहाँ, दुःख दानी ।।
बीती जाय तेरी जिन्दगानी।।2।।
बड़ी मुश्किल से नर तन पाया,
और पाकर के यों ही गमाया।
कुछ न कर पाये आखिर, पछतायेगा सुन अज्ञानी ।।
बीती जाय तेरी जिन्दगानी।।3।।
प्रभु शक्ति में जीवन बीता ले,
यहाँ आकर के धर्म कमा ले। प्रेम शान्ति मिले,
जीवन ज्योति खिले, विमल अज्ञानी ।।
बीती जाय तेरी जिन्दगानी । ।4।।
ओहरे ध्यान धरो प्रभु का (तर्ज ओहरे ताल मिले)
ओहरे ध्यान धरो प्रभु का मन में, प्रभु मिले आतम में, आतम मिल कौन से भव में, कोई जाने ना।
साधु को ज्ञानी तरसे, ज्ञानी को साधना
पानी में दूध जैसे, काया में आत्मा ।। ओ मनवा रे … S..S.. पानी में दूध जैसे काया में आत्मा,
ज्ञान छुपा किस दुनिया में, कोई जाने ना।।
ओहरे ध्यान धरो….
.. झूठी है दुनिया सारी, झूठे सब लोग
हैं माटी के पुतले हैं ये, काया के मोल है ।। ओ मनवा रे … S..S.. माटी के पुतले हैं ये, काया के मोल हैं
क्या होगा कौन से पल में, कोई जाने ना ।। ओहरे ध्यान धरो……
3
प्यारे सबसे न्यारे
(तर्ज : बच्चे मन के सच्चे)
प्यारे, सबसे न्यारे सारे, जग के पालनहारे
ये महिमामय वीर प्रभु jo, जो सबके कष्ट निवारे
प्रभुजी ने आज जन्म पाया, खुशियों का अम्बर छाया देवों ने गुणगान किया, स्तुति सम्मान किया
दशों दिशाएँ गूंज उठी, पृथ्वी सारी झूम उठी
गूंज रहे हैं सारे जग में तेरे जय-जयकारे प्यारे
रूप तुम्हारा है न्यारा, सबकी नैनों का तारा
रत्न जड़ित सिंहासन है, बीच में प्रभु तेरा आसन है
शीश तुम्हारे मुकुट प्रभु, गले में माला शोभित है कानों में कुण्डल प्यारे, जगमग ज्योति निहारे ।। प्यारे
नाम जपे ज्ञानी ध्यानी, ब्रह्मचारी व अभिमानी जो भी तेरा ध्यान करे, सुख वैभव का पान करें।

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