Mhar Banade Ko Byav Mandyo
(तर्ज – नखरालो देवरीयो …) म्हार बनड़ रो ब्याह मंड्यो बिनायक आओजी घर कानै चाव चढ्यो विनायक आओ जी । म्हार बनड़ … १) पैली पत्रीका भेजी थाने रिद्धी सिद्ध साग ल्याओ द्वार खड्या थांरी बाट उडींकां रणक भवर स्यूं आज्यो मतना थे देर करो विनायक आओजी । म्हारे घर में ब्याह रच्यो २) बाबुजी […]