Author name: Sunita Dugar

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Sone Ri Ghadadyo Mhare Payladi

 सोने री घड़ादयो महार पायलड़ी कोई हीरा तो जड़ाद्यो म्हारा झुमका,भंवरजी केसरिया  रुनझुन बाजे म्हारी पायलड़ी – २ कोई झुमका कर झंन कार भंवरजी केसरिया  कवो तो मिजाजी(पियाजी) थाने  म्हारा नैणा म  बसाल्यू  बणाल्यू थाने हिवड रो हार, भंवरजी केसरिया सोने   री घड़ा दो म्हाने   पायलड़ी-२ पंछी उड़ ज्यू मन उड़ उड़ जाव -२  पल […]

Geet, Marwari Lokgeet, Shadi, Vivah Geet

Mehandi Piya Man Bhawni

मेहंदी पिया मन भावणी-२मेहदी रा दमकै हाथ, मेंहदी म्हारी रंग ल्यायी, मेंहदी पिया मन भावणी-२मेहदी — मेहंदी मंडायी चावसे-२,म्हारे तन में रम जाय, मेहंदी म्हारी रंग ल्यायी, हाथा रो चमके चुडलो-२,  म्हारो चमके नौसर हार,  मैंहदी म्हारी रंग लाई, मेहंदी म्हारी रांची पिया -२ ,महार हिवडे प्रीत जगाय,  मेहंदी म्हारी रंग लाई  निरखे पिया जी

Jain Bhajan

Michhami Dukkadam Geet,jain Bhjan

जो कुछ भी पाप हुआ तुमसे मिच्छामि दुक्कडं लेता हूं, भगवान आपकी साक्षी से मिच्छामि दुक्कडं लेता हूं  गुरु देव आपकी, साक्षीसेमिच्छामिदुक्कडंलेताहूं, अपनी आत्मा की साक्षी से मिच्छामि दुक्कडं लेता हूं  1.पंचाश्रव पाप अठारह का, जो सेवन किया कराया हो। इस भवमे या पिछले भवमे, मिच्छामि दुकक्डं लेता हूं  2.कर्मों के र्कता राग द्वैष,ये नाच

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagy

Mhane Mukti Su /ho Santa/swarga Su /aayo Telephone

म्हाने मुक्ति सु / हो सन्ता/स्वर्गा सु आयो टेलीफोन बुलाओ ,आयो राम रो, म्हाने स्वर्गा से आयो टेलीफोन बुलाओ आयो राम रो 1,एक मिनट प्रभु म्हाने  दिज्यो  करूबेटा सु बात2 तिजोर्या मे धन भर्यियो है,चारु थे लिज्यो थे बाट  2,एक मिनिट प्रभु म्हाने दिजयो, करू बहुआं सुबात 2 सिंदुका मैं कपड़ो भरयो है, देरान्या, जेठान्या

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Mhari Hathelya R Beech Fala Padgya

MHARI HATHELYA K BEECH     mhari हथेलया  र बीच  फाला पड़ग्या म्हारा मारुजी  मह पालो किया काटुली  पालो किया काटू मह तो घास किया काटू -२ म्हारी  पतली कमर झाला खावे म्हारा मारुजी म्हे पालो किया……  म्हारी भोली सूरत काली पड़ेगी म्हारा मारुजी म्हे पालो…..  रखड़ी तो महार पीवरीय सु लायी महान शीश फूल

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagy

Mati Ri Aa Kaya Aakhir Mati Me Mil Jyav Hai

माटी री आ काया थारी, माटी में मिल जावली। क्यांरो गर्व करे रे मनवा, क्यां पर तूं इतरावे है। आ सांसों रो विश्वास नहीं, कद आती जाती रूक जावे। जीवन में झुकनो नही जाने, (पण जम रे आगे झुक जावे। २) एक कदम तो उठ गयो, दूजो कूंन जाने उठ पावेलो। क्यांरो गर्व… इन तन

Jain Bhajan, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Chetan Lele Sharna Char

चेतन ले लै शरना चार, सांचों आरो ही आधार, सारो स्वार्थियो संसार,कोई थारो नही है। 1.श्री अरिहंत सिद्ध अणगार,सांचों धर्म हिय में धार ओ ही करंसी बेड़ा पार,और चारों नहीं है,। 2.जो तू होणो चावे न्याल,आं च्यारा रो पल्लों झाल थारे माथे उभो काल,कोई पतियारो नहीं है  3.जिला होकर रही सचेत,आं च्यारा स् यु राखी

Gangor, Gangour, Gor

Khelan Dyo Gangouar , Mathan Memand Lyaov,

 माथा न मेंमद लाओ, भंवर म्हांरी रखडी रतन जडाय। ओजी म्हारी सहेल्यां जोवे बाटो, भंवर म्हांने खेलण द्यों गणगौर।खेलण द्यो गणगौर-गणगौर, भंवर म्हांने निरखण द्यो गणगौर।जी म्हांरी सहेल्यां ……….के दिन की गणगौर, सुन्दर थांने कतरा दिन को चाव।सोळा दिन की गणगौर, भंवर म्हांने सोळा दिन को चाव।ओजी म्हांरी सहेल्यां ……….सहेळ्यां ने ऊभी राखो, सुन्दर थांकी

Jain Bhajan

Bhavo Bhawna,Nirgun Geet

भावे-भावना-आचार्य तुलसी भावे भावना, मन मोद न मावे रे ।। मुगती रा मारग प्रभु च्यार बतावै रे तिण में भावना अग्रेस कहावै रे ॥ भावे — जो दान शील तप आदरणी नी आवे रे। तो आ एकली शिवपुर पहुँचावे रे… जो दान शील तप अघ बंध रुपाने रे। तिन में भावना रो सहारो चावे रे 

Bhikshu Swami

Bhikshu Shivpur Tala Kholya

भिक्षु शिवपुर ताला खोल्या —– भिक्षु शिवपुर ताला खोल्या, अब क्यूं जग जंगल में भटके तुलसी ज्ञान गेडियो लेकर हरदम उजड जावता डटके 1.है संसार दुरंगी  जंगी अंगी पग  पगअटके सतसंगी बिन कहे कुण चंगी राह ‌दिखावे चटके।॥हां जी कोई राह दिखाई चटके, भिक्षु — 2.सिंह सरीखा सतगुरु बण जग ठग बाजी में पटके भोला

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