Author name: Sunita Dugar

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagy

Jyaro,jinaro Lagyo Hari Su Het ,

ज्यारो लाग्यो ज्यारो लाग्यो हरी सु हेत ज्यारो लाग्यो हरि सू हेत, ज्यारो लाग्यो प्रभु से हेत ,करमा रो संघाती राणा कोई रे नहीं , 1.एक मायड रा दोय बालका जी, दोय बालका जी,जिणरा न्यारा, न्यारा भाग ,जिणरा अलगा अलगा भाग करमा रो संघाती राणा कोई रेनही,एकचढ़े है, घोड़ा(हस्ती)पालकीजी-2 दूजो गाया रो ग्वाल -2करमा रो […]

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Hariy Hariyal Dal Kali Koyal Bole O Raj

       kali koyal हरिय हरियाल डाल काली कोयल बोले ओ  राज़  बोले बुलाव बातो साचा सबद सुनाव ओ राज , तूँ क्यों रान्याँ का भैय्या!नीन्दडली में सूत्याँ राज।थारी तो माँ की जायासासरियो में झूरे राज,झूरेगी झूर मरे,कोई काल्ड़ो काग उडावे राजउड़ रे म्हारो काल्ड़ो कागो,जे मेरो वीरो आवै राजआवैगों आधी रात,पिलंगन ताजन सूती

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagy

Mane Abke Bacha Le Mhari May

म्हाने अबके बचाले म्हारी माय म्हाने अबके बचाले म्हारी माय बटाऊ आयो लेवण ने, औम्हाने—–  ① आठ कोठडी नव दरवाजा इण मन्दिर रे माय, लुकती छिपती मै फिरु-2 लुकती न छोड़े वेरी नाही ,बटाऊ आयो लेवण ने —- ② हाथ जोड़ कन्या कह  रे सुणो मायड म्हारी बात -2—. अबकी बटाऊ ने पाच्छो करें दे-2

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang

Mat Kar Maya Ko Ahnkar,Mat Kar Kaya Ko

मत कर माया को अहंकार ,मत कर कायाको अभिमान ,काया थारी गार से काची -2,हो काया थारी गार से काची,जैसे ओस रा मोती   झौंका पवन का लग जाय, झपका पवन का लग जाय,काया  धूल हो जासी, हो काया थारी धूल हो जासी  1.ऐसासख्त एक महाराज,जिसका मुल्कों पे राज,जिन घर झूलता हाथी,जिन घर झूलता हाथी, हो

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang

Jivan To Bhaiya Ek Rail Hai

जीवन तो भैया एक रेल है कभी पेसेन्जर कभी मेल है -2 1.सुख -दुख की पटरी पर दौड़ लगाती है आगे मंजिल पर बढ़ती जाती है,हो हो हो सुख -दुख —- सांसों का जब तक इसमें तेल है, कभी पेसेन्जर– 2.रिश्ते भी बनते और बिगड़ते हैं,यात्री जो चढ़ते और बिछड़ते हैं ,हो हो रिश्ते भी

Dance, Geet, Holi, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Chal Chanda Dagliye Me Jhini- JhiniChandni

CHAL CHANDA DAAGLIYE M  चा ल चंदा डागलीय पे झीणी झीणी चांदनी -२ कोई हिलमिल रास रचावा ए फागण में ,-२ थार सा ग चालू कोनी  ओ रे बालम रसिया,-२  थे तो सारी सारी रात जगाओ जी फागण में -२ थार थार  खातर मतो बाग लगाया जी कोई घुमन क मिसचालो जी फागण में, चाल

Swagat Geet

Man Ki Veena Se Gunjit ,swagat Geet

SWAGAT GEET  मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम  स्वागतम स्वागतम स्वागतम स्वागतम  स्वागतम ——– कैसा पवन सुहावन समय आज हैहै आप आये अतिथियों में सरताज है -२  देव की भांति पूजन करे आज हम, स्वागतम——  मन की बगिया से हमने ये कालिया चुनी ,श्रद्धा के फूलो से हमने माला बुनी -२  कर रहे मिल

Geet, Marwari Lokgeet, Namkaran, Rajasthani

Pilo

पिळो रंगावो जी / राजस्थानी पाँच मोहर को साहिबा पिळो रंगावो जीहाथ बतीसी गज बीसी गाढा मारू जीपिळो रंगावो जी दिल्ली सहर से साईबा पोत मंगावो जीजैपर का रंगरेज बुलावो गाढा मारू जीपिळो रंगावो जी पिला तो पल्ला साईबा बन्धन बन्धाऊँ जीअध बीच चाँद चपाऊँ गाढा मारू जीपिळो रंगावो जी रंग्यो ऐ रंगायो जच्चा होया

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagy

Bhai Mhara Rang Su To Rang Mil Jaay

भाई म्हारा रंग स्सु तो रंग मिल जाय ,गुणा री जोड़ी नाय मिल  1.कागो कोयल एक ही रंग रा एक ही दाणो खाय  कागो तो कडवो बोले रे कोयल रस बरसाय, गुणा री जोड़ी नाय मिल  2.हल्दी केसर एक ही रंग रा एक ही हाट बिकाय , हल्दी तो सागा म सीज, केसर तिलक लगाय

Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang

Kaya Thari Nagari Me Bole Jhako Kun Hai

काया थारी नगरी में बोल जको कुण है, बोल जको कुण है ओ सुण जको कुण है -2 1.तुम ही तो तालो रामा ,तुम ही तो  चाबी-2 ताला म चाबी लगावे जको कुण है लगावे जको कुण है ओ खोल जो कुण है, काया थारी नगरी में बोल जको कुण है  2.तुम ही तो सुतों

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