Vidayi Ke Bad Badhawa Aur Seekh Ke Geet
Badhawo(बधावो) साहिब ऊंची सी मेड़ी र रयी जठ दिवलो जग रे मझाल जी, कसुबल बीर बधावणा जठ हिंगलु सो ढ़ोलीयो ढ़ालीयो, जठ दल बादलरी मसोड़ जी, कसंबल बीर जठ जाय (लड़की के पिता का नाम)पौढ़िया बान आई छ सुख भर नींद जी, कसुबल बीर बारी गोर्या तो जाय जगाइया, साहेबा थे क्यूं सुत्या नचीत जी, […]