Author name: Sunita Dugar

Vivah Negchar

Vidayi Ke Bad Badhawa Aur Seekh Ke Geet

Badhawo(बधावो) साहिब ऊंची सी मेड़ी र रयी जठ दिवलो जग रे मझाल जी,  कसुबल बीर बधावणा जठ हिंगलु सो ढ़ोलीयो ढ़ालीयो, जठ दल बादलरी मसोड़ जी, कसंबल बीर जठ जाय (लड़की के पिता का नाम)पौढ़िया  बान आई छ सुख भर नींद जी, कसुबल बीर बारी गोर्या तो जाय जगाइया,  साहेबा थे क्यूं सुत्या नचीत जी, […]

Vivah Negchar

Kanvar Kaleva Ka Geet

कंवर कलेवा का गीत (तर्ज – सावन का महीना …) पाटे ऊपर थाल सजायो, पुरस्या लाडु ठोर  सासुकी साड़ी की बना, पकड लीनी कोर ।  कबर कलेवो ल्यावो, बना न बुलावो,  पांच पकवान पूरस्या थाल सजावळ मुह फुलायो बनड़ो, नहीं जीम एक भी कोर … सासुकी …. बनासा न राजी करबा, सासु सुसरा आया कांई

Vivah Negchar

Mama Sevara Ka Geet

मामा सेवरा में गाना मामा बाईरा मामा बाई रा सेवरा देसी  मूलक मूलक बाई सेवरा लेसी  लाडला स्यूं पेली म्हारी लाडली न देसी  लाडलो म्हारो अखीए जरावण  होयसी लाडलड़ी म्हारी सर्व सुहागण होयसी ।

Vivah Negchar

Kanya Dan Aur Sindur Dete Samay Ka Geet

कन्या दान बाई रा बाबोजी कर रया दान  बडीयाजी बाईरा बरज रया  बाई रा बापुजी कर रया दान  मायड़ बाई री बरज रही  मती बरजो ए घर री नार  बाई ए म्हारी थोड़ा दिन री  बाई न राख जीयां ही रे जाय बेटी बाबल री बाई न भेज जठ ही उड़ जाय चिड़ीया बागां री 

Vivah Negchar

Fera Aur Chanvari Ka Geet

Fera Ka geet  पेल तो फेर ए बनड़ी दादाजी री पोती, दूज तो फेर ए बनड़ी बाबाजी री बेटी  ईगन तो फेर ए बनड़ी मामारी भाणेजी,  चौथ तो फेर ए बनड़ी हुई रे पराई। *** तूं क्यूं चंवरी डगमग थांरा आला लिला बांस जी  ई चंवरी सदाशीवजी चढ्या बाई पार्वती रा भरतार जी  ई चंवरी

Vivah Negchar

HarAayo HarAayo

हर आयो हर आयो हर आयो, काशी जीरो बाशी आयो ।  घोड़ी चढ़ गोविन्द आयो, सासुजी न घणो सुहायो ।  हर लाडला तुं आयो, बाई  र मन भायो ।  हर लाडला तुं आयो, थारी मां न क्यूं नहीं ल्यायो ।  चन्दन री चौकी मंगावो, कंवरजी र हेठ लगावो ।  बोटी री डाली मंगावो कंवरजी स्यूं

Vivah Negchar

Nikasi Ke Geet

निकासी का गीत 1 देखो ए दादाजी रो प्यारो चढ़ रे बछेरी, देखो ए बाबाजी रो प्यारो चढरे बछेरी तो खमा खमा कर चढ़ज्यो राइबर घोड़ी है छीमक्याली राज । देखो ए पापाजी रो प्यारो चढ़ रे बछेरी, देखो ए काकाजी रो प्यारो चढ़रे बछेरी तो सांखड़ी गलीयां म राइबर पाग जतन कर राखो राज

Vivah Negchar

Bind Banate Vakt Ka Geet

बिन बणते वक्त म्हार दादाजी रा मोडीका फेटो रंग ल्यायी, बांधलो बीन्द बडायलो देखूं चतुराई । बीन बण्यो गीरधर लाडलो सारी दूनीया सराई । म्हार बाबाजी रा दरजीड़ा सुटां सींव ल्यायी,  पेरलो बीन बडायलो देखें चतुराई ।  म्हार पापाजी रा सोनीका डोरो घड़ल्यायी । म्हार काकाजीरा मोचीड़ा जोड़ो घड़ ल्यायी ,  पेरलो बीन बडायलो देखें

Vivah Negchar

Bari Badhane Ka Geet

बरी बंधावण को गीत मेंदी मोली नख जांवतरी रो केशर पुड्या बंधाव ए । जान्या म दादाजी बडेरा तो बाबोजी बरी रे मुलाव ए । जान्यामं पापाजी बडेरा तो काकाजी बरी रे मुलाव ए । पेरज ए सजना री ए धीवड़ी जद बनड़ो बर पायो ए । जान्या म नानाजी बड़ेरा तो मामाजी बरी रे

Vivah Negchar

Varana

वारणा १ बाबाजी र बाग से मैं सुवो पकड कर ल्यायी  रख दिया बनासा र महल में मोत्यां रा चूगा चुगाई सांच बोल सुवा बना न बनी प्यारी, मैं कैसे लेवू वाराण मोत्यां रा गजरा भारी पापाजी र बाग से मैं सुवा पकड़ कर ल्यायी (इस तरह सभी नाम लेना) Varna 2 चन्दा की चान्दनी

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