Jhala
यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. झाला सगलो तो ल्यायो रोकड़ों जीओ राजभंवरजी, ल्याया नही उधार, बिन्याकजी म्यू विनती जी ओ राजभंवरजी, पेली आप पधार क, गोरीरा पिव पातलीया ओ राज भंवरजी, झाला ले घर आय । १। बिन्यायकजी र […]