18.Atthahar Ve Tirthankar Bhagwan Arnath Ki Kahani
18ve Tirthankar Bhagwan Shree Arnath Ka Symbol ( Pratik)- Nandavarta भगवान् श्री अरनाथ तीर्थङ्कर गोत्र का बंध भगवान् श्री अरनाथ का जीव पूर्व-विदेह क्षेत्र की सुसीमा नगरी के नरेश धनपति के रूप में था। उस भव में उन्होंने विशेष धर्म की साधना की। राज्य भी किया, किन्तु सहज बन कर। लोगों को इतना नीति-निष्ठ बनाया […]