Barah Vrat Sadhna

Vrat Diksha (12Vrat Sadhna)

व्रत दीक्षा श्रावक की पहली भूमिका है- सम्यक्त्व दीक्षा। सम्यक्त्व की पुष्टि के बाद श्रावक की दूसरी भूमिका व्रत-दीक्षा स्वीकार की जाती है। व्रत-दीक्षा का अर्थ है-असंयम से संयम की ओर प्रस्थान। एक गृहस्थ श्रावक पूरी तरह से संयमी नहीं हो सकता, पर वह असंयम की सीमा कर सकता है। इसी दृष्टि से भगवान महावीर […]