Diksha Ki Bela Aayi
(तर्ज-मायरे की बेला) दीक्षा की बेला आई, देते हम तुमको विदाई, गृहस्थ जीवन को जा रही छोड़ के देखो ढोल नगाड़ा बाजे द्वार है हो बहना जन्मों तक तेरा उपकार है (नाम)बाबुल का आंगन छोड़ा, माता का आंचल छोड़ा बहन भाई को छोड़ा, साथी बचपन के छोडे आजादी तुमने पायी, जिनवर से प्रीत लगाई जन्मों […]