Deshbhakti

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A Vatan Mere Vatan Abad Rahe ( Arijit Sing)

ऐ वतन मेरे वतन ऐ वतन आबाद रहे तू आबाद रहे तू आबाद रहे तू (आबाद रहे तू) ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू मैं जहाँ रहूँ जहाँ में याद रहे तू […]

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Arun Yah Madhumay Desh Hamara

अरुण यह मधुमय देश हमारा जयशंकर प्रसाद यह गीत जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखा गया है। इसे उनकी अमर कृति ‘भारत महिमा से लिया गया है। इस प्रसिद्ध गीत को 12 अलग-अलग धुनों में संगीतबद्ध किया जा चुका है। अरुण यह मधुमय देश हमारा ।  जहाँ पहुँच अनजान क्षितिज को मिलता एक सहारा ।। सरल तामरस

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Mharo Pyaro Rajasthan

सै’ री आँखडल्यॉ रो तारो—- सै’री ऑखडल्यों रो तारो म्हारो प्यारो राजस्थान प्यारो राजस्थान म्हारो प्यारो राजस्थान, सैरी गोरां गोरां टीबां ऊपर खेत खड्या मुस्कावै,  नैणा सुरमो सार गोरड़ी भातो लेकर आवै ।  गावै अलगोजा री तान म्हारो प्यारो हमारो राजस्थान ।।१।। राणा सरीखा पुत्र हुवै तो धरती भी सरावै,  चेतक जिस्या घोड़ा ढूंढ्या और

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Veer Tum Bade Chalo Dheer Tum Bade Chalo

वीर तुम बढ़े चलो ! धीर तुम बढ़े चलो ! हाथ में ध्वजा रहे बाल दल सजा रहे,  ध्वज कभी झुके नहीं दल कभी रुके नहीं,  वीर तुम बढ़े चलो ! धीर तुम बढ़े चलो ! सामने पहाड़ हो सिंह की दहाड़ हो,  तुम निडर डरो नहीं तुम निडर डटो वहीं,  वीर तुम बढ़े चलो

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Itani Shakti Hame Dena Data

इतनी शक्ति हमे देना दाता इतनीशक्ति हमे देना दाता,मन का विश्वास कमजोर हो ना हम चले नेक रस्ते पे हम से, भूलकर भी कोई भूल हो ना । दूर अज्ञान के हो अंधेरे, तु हमें ज्ञान की रोशनी दे  हर बुराई से बचके रहें हम, जितनी भी दे भली जिन्देगी दे बैर हो ना किसी

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Kadam Kadam Badhaye Ja

कदम-कदम बढ़ाए जा, ख़ुशी के गीत गाये जा  ये ज़िन्दगी है कौम की, तू कौम पे लुटाये जा तेरे लिए तेरे वतन की खाक बेक़रार है  हिमालय की चोटियों को तेरा इंतज़ार है  वतन से दूर है मगर, वतन के गीत गाये जा  ये ज़िन्दगी है कौम की…. बड़ा कठिन सफ़र है ये, बड़े कठिन

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Ham Bacche Haste Gate Hai

हम बच्चे हम बच्चे हँसते गाते हैं। हम आगे बढ़ते जाते हैं। पथ पर बिखरे कंकड़ काँटे, हम चुन चुन दूर हटाते हैं। आयें कितनी भी बाधाएँ, हम कभी नही घबराते हैं। धन दौलत से ऊपर उठ कर, सपनों के महल बनाते हैं। हम खुशी बाँटते दुनिया को, हम हँसते और हँसाते हैं। सारे जग

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Ham Bharat Ke Pyare Bache

Desh Bhakti Poem in Hindi हम भारत के प्यारे बच्चे हम भारत देश के, प्यारे बच्चे सारे जग से, न्यारे बच्चे। ज्ञान का सागर, लहराता है। जब अंबर, मुस्काता है।  सब कहते हैं, मुझको अच्छे।  हम कर्तव्यनिष्ठा के, सच्चे बच्चे। देव बेला में, उठ जाते हैं। नित्य क्रिया से,  फुरसत होके। पढ़ने पर ध्यान, लगाते

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Aane Wale Kal Ki Tum Tasvir Ho

आने वाले कल की तुम तस्वीर हो  नाज करेगी दुनिया तुम पर दुनिया की तक़दीर हो  आने वाले कल की तुम तस्वीर हो  नाज करेगी दुनिया तुम पर दुनिया की तक़दीर हो  तुम हो किसी कुटिया के दीपक जग मे उजाला कर दोगे भोली भाली मुस्कानों से सबकी झोली भर दोगे  हंसते चलो ज़माने मे

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Ye Desh Hai Veer Jawano Ka

ये देश है वीर जवानों का ये देश है वीर जवानों का, अलबेलों का मस्तानों का इस देश का यारों क्या कहना, ये देश है दुनिया का गहना यहाँ चौड़ी छाती वीरों की, यहाँ भोली शक्लें हीरों की  यहाँ गाते हैं राँझे मस्ती में, मचती में धूमें बस्ती में पेड़ों पे बहारें झूलों की, राहों

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