Deshbhakti

Dance, Deshbhakti, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Kesriya Balam – Padharo Mhare Desh

KESRIYA BALAM केसरिया बालम आवोनी, पधारो म्हारे देश जी |    पियाँ प्यारी रा ढोला, आवोनी, पधारो म्हारे देश | आवण जावण कह गया, तो कर गया मोल अणेर | गिणताँ गिणताँ घिस गई, म्हारे आंगलियाँ री रेख || केसरिया बालम आवोनी, पधारो म्हारे देश  | साजन साजन मैं करूँ, तो साजन जीवजड़ी | साजन फूल […]

Deshbhakti, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Are Ghas Ri Roti (Patal & Peethal)

अरं घास री रोटी (Patal & Peetal) अरे घास री रोटी ही जद बन बिलावड़ो ले भाग्यो ।नान्हो सो अमरंयो चीख पडयो रांणा रो सोयो दुंख जाग्यो । हूं लडंयो घणो हूं सहयो घणोमेवाडी मान बचावण न ,हूं पाछ नहीं राखी रण मंबेरया रो खून बहांवण मं , जद याद करूं हंळदी घाटी नेणा म

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Dharti Dhora Ri

   Dharti Dhora Ri धरती धोरां री ! आ तो सुरगां नै सरमावै, ईं पर देव रमण नै आवै, ईं रो जस नर नारी गावै, धरती धोरां री ! सूरज कण कण नै चमकावै, चन्दो इमरत रस बरसावै, तारा निछरावल कर ज्यावै, धरती धोरां री ! काळा बादलिया गहरावै, बिरखा घूघरिया घमकावै, बिजली डरती ओला खावै, धरती धोरां

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