Deshbhakti

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Chitthi Aayi Hai Aayi Hai

चिट्ठी आई है आई है, चिट्ठी आई है चिट्ठी आई है  वतन से चिठ्ठी आई है बड़े दिनों के बात,  हम बे-वतनों को याद वतन की मिट्टी आई है उपर मेरा नाम लिखा है अंदर ये पैगाम लिखा है ओ परदेस को जानेवाले लौट के फिर ना आनेवाले  सात समुंदर पार गया तू हम को […]

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Sare Jaha Se Achha Hindosta Hamara

सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा -2 हम बुलबुलें हैं इसकी, यह गुलिस्तां हमारा सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा -2 परबत वो सबसे ऊँचा, हमसाया आसमां का  वो संतरी हमारा, वो पासबां हमारा गोदी में खेलती हैं, जिसकी हज़ारों नदियाँ  गुलशन है जिसके दम से, रश्क-ए-जिनां हमारा मज़हब नहीं सिखाता, आपस में बैर रखना

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Dil Diya Hai Jan Bhi Denge A Vatan Tere Liye

मेरा दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए कर्मा तू, मेरा धर्मा तू तेरा सब कुछ मैं, मेरा सब कुछ तू हर करम अपना करेंगे ऐ वतन तेरे लिए  दिल दिया है जां भी देंगे ऐ वतन तेरे लिए हर करम अपना करेंगे,  तू मेरा कर्मा, तू मेरा धर्मा तू मेरा अभिमान

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Har Rang Hai Pyaro Bharat Ro

(लय – जहाँ डाल डाल पर सोने की) हर रंग है प्यारों भारत को पण ओ रंग सबसू  न्यारो  ओ मरुधर देश है म्हारो -2– इरी धजा उड़े गिगनारा, ओ म्हाने प्राणा स्यूभी प्यारो । -अठे धोरा री धरती रा टिंबा आबू पर्वत ऊं चो – 2  उद्‌यापुर झीला री नगरी हैं, अजब धाम रुणीचो-2

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Jaha Dal Dal Par Sone Ki Chidiya Karti Hai Basera

जहाँ डाल-डाल पर सोने की चिड़ियां करती है बसेरा वो भारत देश है मेरा जहाँ सत्य, अहिंसा और धर्म का पग-पग लगता डेरा वो भारत देश है मेरा  जय भारती, जय भारती ये धरती वो जहाँ ऋषि मुनि जपते प्रभु नाम की माला (हरि ॐ, हरि ॐ, हरि ॐ, हरि ॐ) जहाँ हर बालक एक

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Sone Ri Chidkali Re Mharo Pyaro Desdlo

सौने री चिड़कली रे, प्यारो म्हारो देसड़ो। अठै नर वीरां री खान जगत अगवाणी रै।। दूध दही री अठै नदियाँ बहती। रिध सिध साथै नव निध रहती।। होती अठै मोकळी गायां। रहती फळफूलां री छायां।। करसा अन्न घणो निपजाता। बांनैं देख देव हरसाता।। शस्य श्यामला रै भारत भोम है। ई रो अन्नपूर्णा रूप, दुनियां जाणी

Dance, Deshbhakti, Marwari Lokgeet

Jay Jay Rajsthan

  जय जय राजस्थान / राजस्थानी गोरे धोरां री धरती रोपिचरंग पाणा री धरती रो , पीतल पातल री धरती रो, मीरा करमा री धरती रोकितरो कितरो रे करां म्हें बखाण, कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान …धर कुंचा भई धर मंजलांधर कुंचा भई धर मंजलांधर मंजलां भई धर मंजलांकोटा बूंदी भलो भरतपुर अलवर

Deshbhakti, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani Dance

Bharat Mharo Desh Putharo Vesh

BHARAT MHAARO DESH FUTARO VESH  भारत म्हारो देश फूटरो वेश के धन- धन भारती,  बोलो जय जय कार उतारो आरती ,हो हो उतारो आरती —–  सोनो उगले धरती अम्बर ,मोतीड़ा बरसावे रे,  मुलके सूरज चाँद गीत कोयलड़ी मीठा गावे रे,  हिमगिरि योगी राज शीश पर ताज की गंगा वारती,  समदरिया री लहरा चरण पखारती (१)

Deshbhakti, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

VO Maharana Pratap Kahte

 VO MAHARANA PRATAP KATHE हल्दी घाटी में समर लड़यो, वो चेतक रो असवार कठे? मायड़ थारो वो पुत कठे?  वो एकलिंग दीवान कठे? वो मेवाड़ी सिरमौर कठे?  वो महाराणा प्रताप कठे?  1 मैं बाचों है इतिहासां में, मायड़ थे एड़ा पुत जण्या,  अन-बान लजायो नी थारो, रणधीरा वी सरदार बण्या, बेरीया रा वरसु बादिळा, सारा

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Neela Ghoda Ra Aswar

नीला घोड़ा रा असवार नीला घोड़ा रा असवार , म्हारा मेवाड़ी सरदार राणा —-सुणता ही जाज्योजी ,मेंवाडी राणा सुणता ही राज्यों जी  1 राणा थारी दकाल सुणनै अकबर धूज्यो जाय, हल्दी घाटी रंगी खून सूँ नाळो बहतो जाय, चाली मेवाड़ी तलवार ,बैग्या खूना रा खंगाळ ,राणा सुणता ही जाज्योजी—– 2 चेतक चढग्यो हाथी ऊपर मानसिंह

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