Gor

Gangour, Gor

Gor Ke Geet-1.Pato Dhol ,2.Pathwari ,3.Badhawo

पाटो धो पाटी धो ए पाटी धो बीरा री बेनड़ पाटो धो । पाटा उपर पीला पान म्हे जास्यां बिरारी जान । जानः जास्या बान जास्या बीरा न परणाय ल्यास्यां । चुनड़ी ओढ़ाय ल्यासों, चुन्नी म्हारी हरी भरी, जग मोत्यां स्यू जड़ी। *** पथवारी पथवारी ए माता तु मोरी माय, तन ए तन सिंचाल्यूं काच […]

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Ishar Das Ji To Pecho Per

सींठना ईशरदास जी तो पेचो बाधं गोरा बाई पेच संवारो ओ राज, म्हे ईशर थारी साली छा । साली छां मतवाली ओ राज, भवंर पटां पर वारी ओ राज, केशर की सी क्यारी ओ राज, लुंगा किसी बाड़ी ओ राज, म्हे ईशर थांरी साली छां । ईशरजी तो डोरो पेर गौरा वाई गर्दन संवार ओ

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Gor Aarti Ke Geet-4

-: आरतीः- पहेली आरती राई रिमझोल, राई रिमझोल, काका बाबा इबछल जोल नए गवरल बासो १६ दिन ले ले बासो, साँवलडी रो बडो तमासो  म्हारा बाबा जी री गलिया, म फुल बखेरु रलिया, सिघासन घालु आखो, तु ले ले ए गरवल बासो,  दूजी आरती राई रिमझोल (इसी तरह बीरा, मामा का नाम लेवे) *** (

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Gor Ko Jhumkado & Bijano

म्हार बाबाजी र मांड़ी गीणगोर, बडीयाजी गुंथायो रंग रो झूमकड़ो । म्हार काकाजी र मांड़ी गीणगोर, काकीजी गुथायो रंगरो झूमकड़ो । ले‌द्यो ले‌द्यो नी नणद बाई रा बीरा लेद्यो नी हजारी ढोला झूमकड़ो । सुख सेजा में भूली नौसर हार, ढोलीय र पाय रंग रो झुमकड़ो । म्हान पीसती न सोव नौसर हार, पॉवती न

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Gor Ko Pani Pilane& Banora Ka Geet

पानी पिलाने की टाइम गाना म्हारी गोर तीसाई ओ राज घाट्यां री मुकुट करो । म्हारी गोर न पाणीड़ो पाई ओ राज, घाट्यां री मुकुट करो। ब्रम्हादासजी रा ईशरदासजी ओ राज घाट्यां री मुकुट करो। ब्रम्हादासजी का कानीरामजी ओ राज घाट्यां री मुकुट करो। ***2 पानी पिलाने का गीत करवा रे आठ कुवा नो बाबड़ी,

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Gor Ka Ghudala, Sevara

: गणगौर का गीत :- *** -: घुडलो घुमाने का गीतः- घुडला घुमलो जी घुमलो म्हारो तेल बल घी घाल, घुडलो.. सुवागण बायर आय, घुडलो. घुडलो रे बाँध्यो सुत, घुडलो.. इसरदास जी र जायो पुत, घुडलो.. पिवर रो पिलो ल्याय, घुडलो… जापारा लाडु लाय, घुडलो.. मात्या रा आखा ल्याय, घुडलो.. घुडला म १०१ रुपया घाल,

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Gor Ka Jwara

*** • जंवारा रा गीत 1 ऊंच मगर ओ म्हारा हरीया जंवारा लुलीया जंवारा नीचजी मीरगा ज्यों चर । मिरगा घेरो जी कासबजी रा सूरजजी घेरो नी बन रा मिरगला । मिरगा घेरो ओ बढ्मादासजी रा ईश्वर दासजी घेरो नी बन रा मिरगला । म्हे क्यू घेरा ओ म्हारी नार पातलड़ी गोर साँवलड़ी, म्हारी बाई

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Badhawo &Gor Ke Geet

गौर का गीत 1 • बाडि बाड़ि बाडुल्या म्हरा भवँरा रे, बाड़ि में बैठलो कुण । बैठ इसरदास पातलो म्हार भवँरा रे, ल्याय झोली भर फुल । आधा रावल देवला म्हारा भवँरा रे, आधा गौरां दे रि सेज । सेज विछावन्ता यूँ केव म्हारा साहब ओ, म्हान अगड़ घड़ाय । अगड़ घड़ांऊ म्हारी बेना न

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Gaura Aai Re

 गौरा आई रे, आंगणिये म्हांरे खुशीयाँ छाई रे* गौरा आई रे गौरा आई रे, पिहरीय में तो बांटू बधाई रे* गौरा आईं रे…. चैत रै महिने सखियाँ, मंगल गीत गावे रे* पीहरीये मे सोलह दिन, थांरा लाड लडावे रे* गौरा आई रे….* भौली भाली प्यारी सूरत, देख हियो हर्षावे रे* कर सोलह सिणगार आई, मनङो

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Anganiya Khushiya Chaai – Gangour

तर्ज- उडे जब जब जुलफे तेरी आंगणिय खुसियाँ छाई,  घर घर में बंटै बधाई  कि म्हार घर आई गणगौर  कि म्हार घर आई गणगौर, सज धज कै थान ठंडो नीर पीलावां,  घणी हरी हरी दुब चढावां कि सोलह दिन खूब करां  कि सोलह दिन खूब करां,  थांरी जय जय आंगणिय खुशीयाँ ……. सुहागण मंगल गावै, 

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