Hindu Deities (हिंदू देवी-देवता)

Mata Pita

Tu Kitni Achchi Hai Tu Kitani Bholi Hai

तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है. तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,  प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।  यह जो दुनिया है, वन है कांटो का,  तू फुलवारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥ दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ,  मेरे […]

Mata Ji

Thane Palka Me Basalya

।। श्री दुर्गा वन्दना ।।  (लय- थानै काजलियो बणाल्यू) थानै पलकां में छिपाल्या, थानै हिवड़े में बसाल्यां  माँ, म्हारे से दूर कैया रहोल्या, थारै चरणां म चित्त ल्यावा, थारै भजनां रम जावा माँ, म्हारै से दूर कैया रहोल्या ।। टेर ।। थारै पगल्यां री पायल बण जावलां,  बन कर नारियल भेंट चढ़ जावला,  थारै भक्तां

Mataji

Lekar Maiya Ka Sringar

(लय – दो दिवाने दिल के चले है देखो मिलके)  लेकर मैया का श्रृंगार करती माँ की जय जय कार चलकर आई में आई मैया के दरबार -2 लाल-लाल चोला माँ की लाल-चुन्दरी  माथे की बिदिया लाई हाथों की मुंदरी -2 गलेका लाई नौलख हार,  करती करती माँ माँ की की जय-२   कार-2  चुन चुन

Krishna Ji, Shyam

Vah Shakti Hame Do Daya-Nidhe

प्रार्थना वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जाएँ।  पर सेवा पर उपकार में हम, जग जीवन सफल बना जाएँ ।। हम दीन दुखी निबलों विकलों के सेवक बन संताप हरे। जो हैं अटके भूले भटके, उनको तारें खुद तर जाएँ ।। छल दम्भ द्वेष पाखण्ड झूठ, अन्याय से निशि दिन दूर रहे। 

Krishna Ji, Shyam

O Murali Wale Tu Murali Bajana

(तर्ज – फिरकी वाली) श्याम आराधना  ओ मुरली वाले, तू मुरली बजाना  नही तरसाना  इस मुरली की तान से, तेरी मुरली बजे है बड़ी शान से  मुरली बजायी तूने रास मंडल में राधे के मन भाय गई  संग मे थी जितनी भी सखियां वो दोड़ी -२ आय गयी       हेनंदलाला  मदन गोपाला कैसा जादू

Krishna Ji, Shyam

Radhe Kaun Se Punya Kiye Tune

राधे कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं, राधे कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं।। राधे जब सोलह श्रृंगार करे, राधे जब सोलह श्रृंगार करे, हरी दर्पण रोज दिखाते हैं, राधे कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं…….. राधे जब भोजन तैयार

Krishna Ji, Shyam

Mira Ne Sab Kuch Chhoda

मीरा बाई भजन ( लय-फिरकी वाली तू कल फिर आना) मीरा  ने सब कुछ छोड़ा हरि से नाता जोड़ा,   आराध्य उन्हें मान के, ऐसी लगन लगाई घनश्याम से ज़हर का प्याला राणा जी ने भेजा  पी गई पी गई हाँ हाँ मीरा पी गई ओहो मीरा पी गई अमृत का प्याला मान के  ऐसी लगन

Krishna Ji, Shyam

Ab Saunp Diya Is Jivan Ka

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में। है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में॥ मेरा निश्चय बस एक यही, एक बार तुम्हे पा जाऊं मैं। अर्पण करदूँ दुनिया भर का सब प्यार तुम्हारे हाथों में॥ जो जग में रहूँ तो ऐसे रहूँ, ज्यों जल में कमल का फूल

Krishna Ji, Shyam

Madhrarashtkam Lyrics

अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरं । हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥१॥ वचनं मधुरं चरितं मधुरं वसनं मधुरं वलितं मधुरं । चलितं मधुरं भ्रमितं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥२॥ वेणुर्मधुरो रेणुर्मधुरः पाणिर्मधुरः पादौ मधुरौ । नृत्यं मधुरं सख्यं मधुरं मधुराधिपते रखिलं मधुरं ॥३॥ गीतं मधुरं पीतं मधुरं भुक्तं मधुरं सुप्तं

Krishna Ji, Shyam

Holi Khelanga Aapa Girdhar Gopal Se

।। श्री श्याम वन्दना ।। (तर्ज-छुरियाँ चल जाये…) तुम झोली भरलो भक्तों, रंग और गुलाल से,  होली खेलागां आपां, गिरधर गोपाल से ।।टेर ।। कोरा-कोरा कलश मंगाकर, उसमें रंग घुलवाना-२,  लाल-गुलाबी न, नीला पीला, केशर रंग मिलवाना-२ , बच बच कर रहना उनकी, टेढ़ी मेढ़ी चाल से ।। होली… लायेंगे वो संग में अपने, ग्वाल-बाल

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