यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
शिव स्तुति
तर्ज (Tune): श्री राम चन्द्र कृपालु भजमन
भजन के बोल / Lyrics
आशुतोष शंशाक शेखर चन्द्रमौली चिदंबरा,
कोटि कोटि प्रणाम शंभु, कोटि नमन दिगम्बरा ।।
निर्विकार, ओमकार ,अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव,
जगत सर्जक ,प्रलय करता, शिवम् सत्यम् सुंदरा ।।
निरकांर स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा
दया निधि दानिश्वर जय, जटाधर अभयं करा ।।
शूल पाणि त्रिशूलधारी, ओघड़ी बाघम्बरी
जय महेश त्रिलोचनाय विश्वनाथ विशम्भरा ।।
नाथ नागेश्वर हरो हर, हर, पाप शाप अभिशाप तम, महादेव महान भोले, सदा शिव शिव संकरा ।।
जगत पति अनुरक्ति भक्ति सदैव तेरे चरण हो,
क्षमा हो अपराध सब जय जयति जगदीश्वरा ॥
जनम जीवन जगत का संताप ताप मिटे सभी,
ओम नमः शिवाय मन जपता रहे पंञ्चाक्षरा ।।
आशुतोष शंशाक शेखर, चन्द्रमौली चिंदबरा,
कोटि नमन दिगम्बरा कोटि नमन दिगम्बरा ।।