Jain Tirthankaras (जैन तीर्थंकर)

Mahavir Swami

Vandana Mil Jul Kare Mahavir Ki

(लय – दिल के अरमा) वंदना मिलजुल करें महावीर की ।।  विश्वधन, विश्वास की तस्बीर की ।। ① महीपति सिद्धार्थ के कुल दीप थे  माता त्रिशला के सुदर्शन वीर की  राज वैभव को को। पलक में पीठ दें  जो बन भगवान उस गुण धीरकी ।। जो रहे निष्कंप मंज़िल राहमें  उस अभय अरू प्रेम के […]

Mahavir Swami

O Trishla Sut Mahavir Gyan Ki Jyoti Jagao Re

(लय:आ लौट के आजा मेरे मीत) ओ त्रिशला सुत महावीर ओ त्रिशला सुत महावीर, ज्ञान की ज्योति जलाओ रे  तुम गंगा के निर्मल नीर, शांति का स्त्रोत बहाओ रे 1. सूरज समान तुम बनकर के आये, जग का अंधेरा मिटाया  चन्दे सी शीतल वाणी तुम्हारी, अमृत रस बरसाया,  तुम सागर समान गंभीर, ज्ञान की ज्योति

Mahavir Swami

Kabse Kare Pukar

तर्ज:- (सर पै टोपी लाल) कब से करें पुकार, वीर महावीर तुम्हारे द्वार,  हो जरा सुन लेना । महिमा सुनी अपार,  कि तुम हो भक्तों के रखवार, हो जरा सुन लेना । हो लाखों उठाये गम, फिर भी निराश हम, तेरे पास आये हैं. जरा महर कीजिये, शरण हमें लीजिये. दुःख के सताये हैं,  देखा

Mahavir Swami

Prabhu Hame Bhav Bhav Ke Bandhan

तर्ज :- (भैया मेरे छोटी बहन को न भुलाना) प्रभु हमें भव भव के बन्धन से छुड़ाना, तेरे सिवा किसको सुनायें ये फसाना । क्षत्रिय कुण्ड हुआ जन्म तुम्हारा,  त्रिशला सुत सिद्धार्थ दुलारा,  जय जय बोले सुर नर मिल कर,  गूंज उठा भूमण्डल सारा,  खुशियों का नहीं था ठिकाना ॥ १ ॥ चन्दन बाला के

Mahavir Swami

He Trishala Nandan

तर्ज :- (दिल लूटने वाले जादूगर) हे त्रिशला नन्दन भव दुःख भंजन, वीर नाम ही प्यारा है,  हम दुःखियारों को तेरे ही, चरणों का एक सहारा है । ये छोटा बालक जान, इन्द्र मन में यूं ही भरमाया था,  तब शंशय दूर किया प्रभु ने, मेरु गिरी को थर्राया था,  ये अदभुत लीला देख सभी

Mahavir Swami

Meri Kumati Niwaro Re

तर्ज :- (मैं तो आरती उतारु रे) मेरी कुमति निवारो रे, प्रभु मेरी विनती सुनो.  जय जय महावीर प्रभु, जय जय वीर । मैं तो वन्दन करू बार बार, प्रभु तेरे चरणन में २,  करू पूजा अष्ट प्रकार, प्रभु तेरे चरणन में २,  मिल जाये शरण इकबार, प्रभु तेरे चरणन में २,  मेरी श्रद्धा के,

Mahavir Swami

Viram Gun Gambhiram

तर्ज :- (बच्चे मन के सच्चे ) अस्थाई वीरम् गुण गम्भीरम्, माता त्रिशला के प्यारे, परमानन्द जिनन्द, हो तुम जिन शासन के उजियारे । अन्तरा दीनदयालु जगदीश्वर, हे करुणामय हे ईश्वर,  ऐसी शक्ति दो हमको, रहे शरण तेरी जिनवर,  तुम करुणा के सिन्धु हो, दीनजनों के बन्धु हो,  सुनकर महिमा तेरी भगवन्, आये हाथ पसारे

Bhikshu Swami

Ikshu Ras Ke Jaisa Bhikshu Nam Tera

इक्षु रस के जैसा भिक्षु नाम तेरा ।  केलवा के योगी लो प्रणाम मेरा ॥  तू प्रखर दिवाकर मै सघन अंधेरा बल्लुशा के लाडले, दीप दीपा मात के  केलवा के केवली धनी अपनी बात के  स्वर्ग छोड़ मेरे मन में कर बसेरा,  तेरापंथ स्वामी तब सुखो का मूल है।    तेरापंथ में कही शूल है

Bhikshu Swami

Kantaliya Gaya Hai Kya

 कंटालिया गया है क्या? सिरीयारी गया है क्या,  हो मितवा रे  कुछ भीनही पता रे ,मितवा कुछ भी नही पता,  ऊं भिक्षु जय भिक्षु ओ मितवा रे जपले यही सदा ( ) हो मितवा होगा तेरा भला ① क्या कभी तूने देखी अपने बाबा  की सूरत हो हो हो– हाँ अभी मैने देखी अपने बाबा

Bhikshu Swami

Teras Ri Hai Rat

तेरस की है रात, बाबा आज थाने आणो है-2  ओ कोल निभाणो है, तेरस री है रात बल्लू कुल रो लाल-2 माता दीपारो दुलारोहै- हो हार हिया रो हैं, तेरस री है रात घर-2 थे भटक्या हाँ, जग्या नहीं मिली शमशान में वास कियो – २ अंधेरी ओरी में चांदणियो कर दिन्यो यक्ष नै मात

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