Jain Tirthankaras (जैन तीर्थंकर)

Bhikshu Swami

Swami Ji Mhane Darshan Dinha Ji

(लय – कुरजा ए म्हारा भंवर मिला दे)  मुनीश्री श्रमण सागर स्वामी जी म्हाने दर्शन दीन्हा जी-2 दर्शन दिन्हा प्रेम स्यू-२ म्हार माथ पर धर हाथ  स्वामी जी म्हाने दर्शन दिन्हा जी  दिन्हा दर्शन प्रेम स्यू, म्हार मनडे री पूछी दोय बात -2  स्वामी जी म्हाने दर्शन दीन्हा जी-2 सांवली सूरत सोहणी-2  टप टप करतो […]

Bhikshu Swami

Bhikshu Chalisa &Aarti

।। जय भिक्षु गुरुभ्योनमः ।। श्री भिक्षु चालीसा ।। दोहा।। भिक्षु भिक्षु गणपाल की, महिमा है सर्वत्र।  तेरापंथ समाज के, ज्योतिर्मय नक्षत्र।।।।।  उनकी करूणा दृष्टि से, निश्चित बेड़ा पार।  “मुनि कन्हैया” नित रटो, भिक्षु नाम अविकार । ।2।। ।। चौपाई।। जय जय जय हे भिक्षु स्वामी। महावीर पथ के अनुगामी ।।। सतरह सौ तिरयाँसी आया।

Bhikshu Swami

Bhikshu Mhare Praktya Ji Bharat Chetra Me

भिक्षु म्हारै प्रगट्या जी भिक्षु म्हारै प्रगट्या जी भरत खेतर में। ज्यांरो ध्यान धरूं अंतर में।। 1. देश-देश नां लोक आपनों, समरण कर रह्या उर में।। 2. आप तणी बुध नहीं परशंसा, बहु लोक करै पुर-पुर में।। ३. मंत्राक्षर-सम नाम तुम्हारो, विघ्न मिटै घर-घर में।। 4. जबर उद्योत कियो जशधारी, एह पंचमें अर में।। 5.

Bhikshu Swami

Bhikshu Smaran

भिक्षु स्मरण (लय- चेतन ले ले शरणा चार) जपल्यो भिक्षु भिक्षु नाम, मुख में राखो आठू याम । थारा सर ज्यासी सै काम, नैया पार करसी हो हो बाबो, नैया पार करसी ।। भिक्षु है हिवड़े रा हार, म्हारें जीवन रा आधार । ज्योतित जिण स्यूं ओ संसार, सुरतरु घर में फलसी ।।1।। भिक्षु नाम

Mahavir Swami

Mahavir Aap Padhare

महावीर भजन (लय- जहां डाल डाल पर) शुभा तिथि शुक्ला तेरस को प्रभुवर आप पधारे । त्रिशलानंदन प्रभु प्यारे ।। विपुल बढ़ा धन धान्य जन्म से, वर्धमान कहलाए । देव पराजित हुआ खेल में, महावीर बन छाए । देवों को सन्मति प्रदान की, सन्मति के रखवारे ।।1।। सिद्धार्थ कुल के नंदन तुम हो, नंदीवर्धन भ्राता

Mahavir Swami

Aao Prabhu Mohe Darshan Dedo

( लय- बारबार तोहे क्या समझाऊं) आभओ प्रत्रु मोहू दर्शन दो, मैकब से करपुकार तुम बिन प्रभुजी कौन करे कर भवचार हाथ जोड़ में अरजकरू सुतजग के पालन हार (कुम बिन प्रभुजी बैन करे भवपार लख चोरासी फिर करू‌आयो पास तेरे जन्म मरण दुख मेटो दीनावाथमेरे छल भऔर उपर भरा‌द्वतिया में सच भी जाताहर)A पलक

Bhikshu Swami

Shasan Ra O Swami

( लय- बाईसा  रा बीरा)  शासन रा स्वामी , ओ अंत्तरयामी  चरणा में थारे करा म्हे वन्दना  ओ शिव पथ गामी दीपा सुतनामी श्रद्धा भरी म्हारी स्वीकारो अर्चना,  थे देख शिथिलत्ता धर्म धरातल में उपचार करू इणरो धारी यूं मन में    निज गुरु स्यू रिश्तों तोड  दियो पल में  तूफान विरोधा रो उमडयो  हो भारी 

Bhikshu Swami

Tum Hi Ho Bhikshu Karuna Ke Aalay

(लय- तुम ही मेरे मन्दिर तुम ही मेरी पूजा) तुमही हो भिक्षु करुणा के आलय तुम्ही प्राण मेरे -2 तुमही हो भिक्षु  ज्योति तुम्ही हो जीवन की अक्षय तुम्ही प्राण मेरे ① तुमको ही यमै भगवान मानू तुमको ही जीवन प्राणदेव मानू तेरे चरण में रहू नित्य तन्मय ध्यान तुम्हारा प्रातः मै ध्याऊं जिधर भी

Bhikshu Swami

Ru Ru Me Sanvriyo Basgyo

(लय- बादलियो आंखडल्या में बरस्यो) रूंरूं में साँवरियों बसियो सांवरियो बसियो  चंद चकोर निहारेला ओ  संता  गुरु चरणा रो, बणग्यो रसियो ,बणग्यो रसियो  मांझी पार उत्तारेला ओ संता ① आप पिता पुत्र मै हूं ओ तो व्यवहार है  आखिर आपा दोन्या नै ही, गुरु रो आधार है   गुरु ही कारज सारेला, ओ भंते ②

Mahavir Swami

Taro Taranhar

(लय ना कजरे की धार) तारो तारण हार, प्रभु करुणा के अवतार  मै खड़ा तुम्हार  द्वार नैया पार लगादो  ओ प्राणो के के आधार ओ जीवन के श्रृंगार  है जुड़ी से तुझे तुम्ही से तार, सोयी शक्ति जगादो  ① लाखों को तुमने तारा, तोड़ी कर्मो की कारा  हो ज्योति पुंज प्रभुवर तुम हरते जगका अंधियार

Scroll to Top