Jain Tirthankaras (जैन तीर्थंकर)

जैन तीर्थंकरों की वंदना और भक्ति गीत — महावीर स्वामी, आदिनाथ, पारस प्रभु, भिक्षु स्वामी सहित जैन परंपरा के संत महापुरुषों के भजन। Devotional songs to Jain Tirthankaras and saints including Mahavir Swami, Adinath, Paras Prabhu and Bhikshu Swami.

Bhikshu Swami

Kalptaru Ra Beej Falya

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. कल्पतरु रा बीज (लय : लूटाकर लंका रो राज) कल्पतरु रा बीच फल्या, बलिदाना रा सुमन खिल्या. आं सुमनां री सौरभ लेवण, आवो म्हांरा स्वामीजी। एकर तो पधारो नी ॥ […]

Bhikshu Swami

Kantaliya Gaya Hai Kya

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints.  कंटालिया गया है क्या? सिरीयारी गया है क्या,  हो मितवा रे  कुछ भीनही पता रे ,मितवा कुछ भी नही पता,  ऊं भिक्षु जय भिक्षु ओ मितवा रे जपले यही सदा

Mahavir Swami

Kare Hum Veer Prabhu Ka Dhyan

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. (लय- धर्म की लौ जलाये हम) करें हम वीर प्रभु का ध्यान । करुणानिधि ! करुणाकर ! तारो, कर दो अब कल्याण ।। १. अन्त किया आठों कर्मों का, केवल

Paras Prabhu

Karta Hu Vandana Mokshgami

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. (तर्ज-आधा है चन्द्रमा) करता हूँ वंदना मोक्षगागी रह न जाये कोई मेरी साध स्वामी प्रभु पाश्र्व स्वामी  मै तो आया हूँ आश लगाके, अब जाऊंगा दर्शन पाके  मेरे प्यासे नयन  केसे हो गये मगन,

Paras Prabhu

Karti Hu Vandana Moksgami

यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection. करती हूँ वन्दना मोक्षगामी  (तर्ज : आधा है चन्द्रमा रात आधी) करती हूँ वन्दना मोक्षगामी। रह न जाये कोई मेरी साध स्वामी। प्रभु पार्श्व स्वामी ।।  मैं तो आई हूँ आस लगा के, अब

Mahavir Swami

Karti Vandana So So Bar

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. ( लय : नखरालो देवरियो) करती वन्दन सौ सौ बार आज दुनियां सारी।महावीर प्रभु री म्हें जावां सब बलिहारी ॥आं ॥ झिगमिंग-झिगमिंग करती देव्यां आरती उतारें हो।  देव दुन्दुभि बाजै

Bhikshu Swami

Kelawa Ke Yogi Tere Nam Ka Sahara Hai

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. केलवा के योगी तेरे नाम का सहारा है  नैया मझधारा में  है दूर किनारा है  तेरे ही हवाले अब जीवन हमारा है।।   मरूधर की माटी की ये अजब निशानी है 

Bhikshu Swami

Kelawa Ke Yogi Tere Nam Ka Sahara Hai

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. शूरवीरो को धरा महान राजस्थान है  भिक्षु की जन्म भूमि कंटालिया ग्राम है।  गुलामी की जंजीरों से त्रस्त सारा देश था।  शिथिल विचारों से धर्म निस्तेज था ।।  आषाढी तेरस

Adinath, Tapasya Geet

Khushi Hum Aaj Manate Hai (Akshay Tritiya, Parna)

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. खुशी हम आज मनाते हैं (तर्ज :आज मेरे यार की शादी है)  खुशी हम आज मनाते हैं, आज मनाते हैं, मधुर संगीत सुनाते हैं ।। ध्रुव ।। स्वर्ण रवि आज

Mahavir Swami

Kundalpur Wale

यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. कुंडलपुर वाले तुमको जपुं मैं आदूँ याम।  त्रिशला के लाले चरणों में कोटि प्रणाम। अंतरा १. अखिल निरंजन, भव भय भंजन त्रिशला नंदन,  कलुष निकंदन, मैं रज कण, तूं मस्तक

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