Aao Aao Bhikshu Swami
आवो आवो भिक्षू स्वामी (लय : तेजा) आवो आवो भिक्षु स्वामी ! अब तो म्हारै आंगणियै, ऊभा अड़ीकां कद का आपनै पक्ष उजलो तिथि है तेरस घट में म्हारै चान्दणियो, श्रद्धा रा फूल बिछावां सामनै ॥ स्थायी ॥ शब्द-शब्द और श्वास-श्वास में, भिक्षू री झणकार उठै। खातां पीतां सोतां उठतां, खोजां भिक्षु गया कठै दर्शन […]