Jain Tirthankaras (जैन तीर्थंकर)

Mahavir Swami

Charna Thare Shish Namava

-: चरणा म थारै शीश नमावां :- (लय : नित उठ थांरा म्हे गुण गाव………….) चरणां मे थारै शीश नमावां,  पल पल छिण छिण रटन लगावां  घट म च्यानणियो करद्यो, म्हारा त्रिशला नन्दन,  जन्म सार्थक करयो, म्हारा प्यारा भगवन् ॥ समता री थे अलख जगाई, संयम री सरिता लहरायी, थांरी करुणा भायी हो, म्हारा त्रिशला […]

Mahavir Swami

Samta Ke Deep Jala Gaye Ji

-: तीर्थंकर महावीर :- लय : ओ म्हांरा गुरुदेव समता के दीप जला गये जी, तीर्थंकर महावीर।  संयम के गीत सुना गये जी, तार्थंकर महावीर ॥ १. सब अपने प्यारे भाई, मत खोदो पथ में खाई।  मैत्री का मार्ग बना गये जी, तीर्थंकर महावीर ॥ २. सब फूल एक ही वन के, सब दीप एक

Mahavir Swami

Jaha Har Dil Mahavir Ki Vani

(तर्ज : जहाँ डाल डाल पे सोने की चिड़िया) जहां हर दिल में महावीर की वाणी घर-घर करे बसेरा, जैन धर्म है मेरा,  जहां सत्य, अहिंसा और धर्म किपग पग लगता डेरा,  वो जैन धर्म है मेरा जहाँ जैन मुनि तपवन में, जाकर तेरा ध्यान लगाया  तुमने उनको दी ज्ञान की ज्योति, जीवन बोध कराया।

Mahavir Swami

Mahavir Charan Me Hum

(लय : होठों से छूलो तुम…………..) महावीर चरण में हम, सब शीष झुकाते हैं।  पावन श्रद्धा के आज, शुभ दीप जलाते हैं ॥ आं ॥ सिद्धार्थ कुल दीपक, मां त्रिशला के नन्दन २  कुंडलपुर में जनमें, छाई थी नव पुलकन ॥  मंगलमय गीतों के दो बोल सुनाते हैं ॥१ ॥ महावीर चरण में हम………… माता

Mahavir Swami

Karti Vandana So So Bar

( लय : नखरालो देवरियो) करती वन्दन सौ सौ बार आज दुनियां सारी।महावीर प्रभु री म्हें जावां सब बलिहारी ॥आं ॥ झिगमिंग-झिगमिंग करती देव्यां आरती उतारें हो।  देव दुन्दुभि बाजै नभ में धरती देव संवारे हो ॥  पग-पग पर फूलां री लगी है फुलवारी ॥१ ॥ आज उग्यो धरती पर सुरज फैल्यो जग में च्यानणियो।

Mahavir Swami

Mangalkari Nam Prabhu Ka

(लय : नैतिकता की सुरसिता में………..) मंगलकारी नाम प्रभु का, तोड़े भव के बन्धन ।  महावीर को वन्दन ॥ टेक ॥ त्रिशला मां का राजदुलारा, सिद्धारथ कुल प्यारा – २ वर्धमान से महावीर बन, जग में किया उजारा।  कष्टों के कांटो में महका, जिसका जीवन उपवन ॥१ ॥ महावीर को वन्दन…. अभय, अहिंसा, अनेकान्त, अपरिग्रह

Mahavir Swami

Jai Prabhuji Ki Jai Bolo

(तर्ज : छोटी सी मुलाकात प्यार बन………) तन से करो सेवा, गुणगान करो रे  मन से महावीर का गुणगान करो रे  जय प्रभुजी की बोलो, जय जय जय-२ -: अन्तराः – १. धर्म हे ये, सबसे बड़ा,  भूल से भी ओरो का, दिल ना दुखा,  सब है बराबर ये ज्ञान करो रे,  मन से महावीर

Mahavir Swami

He Veer Tumhare Dware Par

तर्ज : ओ जाने वाले जादुगर……. हे वीर तुम्हारे द्वारे पर, एक दर्श भिखारी आया है,  प्रभु दर्शन भिक्षा पाने को, दो नयन कटोरी लाया है -: अन्तराः – नहीं दुनियां में कोई मेरा है, आफत ने मुझको घेरा है,  प्रभु एक सहारा तेरा है, जग ने मुझको ठुकराया है। हे वीर धन दौलत की

Mahavir Swami

Mahavir Ka Nam Mangal Mangal Hai

महावीर का नाम मंगल महावीर का नाम मंगल मंगल है । ले लो प्रभु का नाम मंगल मंगल है ।। १. त्रिशला के लाल दुलारे, सिद्धारथ कुल उजियारे । भक्तों के भाग्य-सितारे, बिहार भूमि के प्यारे ।  स्थान वह मंगल है ।। २. संयम के पथ पर आए, दिल में इकतारी लाए,  वे कष्टों से

Mahavir Swami

Mahavir Prabhu Ke Charno Me

(Lay -daya Dan Ka danka) महावीर प्रभु के चरणों में महावीर तुम्हारे चरणों में, श्रद्धा के कुसुम चढ़ाएं हम । ऊंचे आदर्शों को अपना, जीवन की ज्योति जगाएं हम ।। १.तप संयममय शुभ साधन से,आराध्य-चरण आराधनसे,  बन मुक्त विकारों से सहसा, अब गीत विजय के गाएं हम ।। २. दृढ़ निष्ठा नियम निभाने में, हो

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