Jain Tirthankaras (जैन तीर्थंकर)

Mahavir Bhajan

Trishala Nandan Ke Gun Hum,

मन मंदिर में दीप जलाएं त्रिशला नन्दन के गुण श्रद्धा से हम गाएं। शीश झुकाएं। भक्ति भाव से मन मंदिर में दीप जलाएं ॥ १. कुण्डलपुर में जन्मे प्रभुवर, सिद्धार्थ कुल उजियारे। भारत की पांवन वसुधा पर चमके वे जगमग तारे। प्रभु दर्शन कर सब हरसाए ॥ २. केवल ज्ञान मिला जब प्रभु ने ज्ञान […]

Mahavir Bhajan

Veer Jaynti Aaj Manaye

वीर जयन्ती आज मनाएं मन मंदिर में दीप जलाएं प्रभु के झूम झूम गुणगाएं, उत्सव आया है १. कुंडलपुर में प्रभुवर जन्मे । छाई खुशहाली कण कण में। माता मोद मनाए मन में, मंगल मंगल है… २. प्रभु ने राजमहल को छोड़ा। भौतिकता से नाता तोड़ा। उत्कट तप में जीवन जोड़ा। उत्सव आया है… ३.

Mahavir Bhajan

Trishala Nandan Veer Prabhu Ki

त्रिशला नन्दन वीर प्रभु की गौरव गाथा गाएंगे। गुण गरिमामय गीतों से यह रसना सरस बनाएंगे ॥ १. चैत्री शुक्ला त्रयोदशी को पावन जन्म तुम्हारा है। उमड़ पड़ी खुशियां महलों में जब से तुम्हें निहारा है। वर्धमान अभिधान पिता ने दिया स्नेह से प्यारा है शैशव की अनगिन स्वर्णिम घटनाएं स्मृति में लाएंगे ॥ २.

Adinath

Shraddha Se Shish Jhukate, Rishabh Prabhu

श्रद्धा से शीष झुकाते श्रद्धा से शीष झुकाते, हम गाते हैं गुणगान। आदि तीर्थंकर ऋपभ प्रभु का, है पावन अभियान ॥टेकः॥ १. मरुदेवा माता के, नन्दन प्यारे। श्री नाभिराजा के, कुल उजियारे। तुमसे जनता ने पाया, असि मषि कृषि का जो ज्ञान ॥ २. प्रभुवर ने राज्य छोड़ा, ली श्रमण दीक्षा । एक बरस तक,

Mahavir Bhajan

Janmotsav Aaya Hai Jan -Man Harshaya Hai, M

जन्मोत्सव आया है, जन मन हरसाया है। आनन्द छाया है, मौसम मनभाया है। मंगल दिन, अनुपम है, प्यारा लगता है। त्रिशला का हर सपना, सबको अच्छा लगता है ॥ १. महलों में बहारें तुमको पाकर, मां आई, हां आई, त्रिशला हरसाई। सूरज ले आया उजाला, हां उजाला, छाई खुशियां, हर मन मतवाला ॥ मंगल दिन…

Adinath, Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Avasar Aaya Hai, Akshay Tritiya

अवसर आया है अवसर आया है अवसर आया है अक्षय तृतीया आज मनाएं तप की महिमा खूब बढ़ाएं प्रभु चरणों में भेंट चढ़ाएं १. मरुदेवा पाता के नन्दन। नाभिराज के तुम कुल चन्दन। श्रद्धा से हम करते वन्दन ॥ २. कर्म भूमि के प्रथम प्रणेता। प्रथम महीपति, युग के नेता। वने प्रथम मुनि आत्म विजेता

Adinath

Rishabh Tere Charno Me,

ऋषभ तेरे चरणों में, कोटि वन्दना हमारी है। श्रद्धा के दीप लेकर, करते आरती तुम्हारी हैं। १. नाभि के दुलारे हो, मरुदेवा के सुत प्यारे। तुमसे ज्ञान मिला सबको, प्रभुवर उपकारी हैं ॥ २. तुमने युग प्रवर्तन कर, ले ली थी श्रमण दीक्षा। भिक्षा नहीं मिली आपको, चर्या कठिन तुम्हारी है ॥ ३. जनता हाथी

Bhikshu Swami

Pachha Bhejo Ni Bhikhan Ji

पाछा भेजो नी पाछा भेजो नी भिखणजी म्हारे गुरुवर ने पाछा भेजो नी.. कोई बोले चाँद में पुग्या कोई सूरज बतावे हो म्हारो मन्‌डो बोले गुरु है थारे चरणा में पाछा भेजो नी भेजो नी. 1 सिरयारी रा गीत सुणांता, गुरूवर कठीने रमग्या जी दिखें कोनी, शबद सुणीजे, म्हारै सपना में,

Bhikshu Swami

Bhikshu Shivpur Tala Kholya

भिक्षु शिवपुर ताला खोल्या —– भिक्षु शिवपुर ताला खोल्या, अब क्यूं जग जंगल में भटके तुलसी ज्ञान गेडियो लेकर हरदम उजड जावता डटके 1.है संसार दुरंगी  जंगी अंगी पग  पगअटके सतसंगी बिन कहे कुण चंगी राह ‌दिखावे चटके।॥हां जी कोई राह दिखाई चटके, भिक्षु — 2.सिंह सरीखा सतगुरु बण जग ठग बाजी में पटके भोला

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