Swamiji Jhanan Jhanan Si Jhan Jhanat Si Ru Ru Lage Re
यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints. स्वामीजी । झणण, झणण, झण, झण झणाट सी रूं रुं लागे रे, सिरियारी समाधि पर कोई सगती जागे रे ।। स्थायी ।। सुई पाग में टांगतो, बोल्यो दरजी हुसियार। अबतो […]