Ghooghari (Namkaran)
घुघरी सोन रूप चरु रे चढ़ाय रुपांरी ऊपर ढाकणी जी म्हारा राज । काठा गेहूं घुघरड़ी रंधाय, चीण रा ऊपर टोटला जी म्हारा राज । हर्या रे बांस रो छाबड़ीयो मगाय, दरीयायी ऊपर न्यातणो जी म्हारा राज । सुसरा जी रो नाइको बुलाय, म्हारी नगर बंटाद्यो घुघरी जी म्हार राज । बांटी रे नाइका, ऊल […]