Ab To Jag Are Insan
अब तो जाग अरे इंसान ! (तर्ज – कितना बदल गया संसार….) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री अब तो जाग अरे इंसान ! आया है तूं इस दुनिया में बनकर के मेहमान । मोह नींद में अब तक सोया, जो लाया था वह सब खोया आज पूछ तूं अपने मन को, बीज धर्म का क्यों नहीं […]