यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.
मालण
म्हें थांनै मालण बरजीयो इण बिध मरवो मत बाय,
इण बिध साध पधार गोचरी, श्रावक जोवे बांरी बाट ग्यारवां श्रेयांस बांधस्या, बाहरवां वासूपूज्य देव तेहरवां बिमलनाथ बांधस्यां, चवदवां अनन्तनाथ देव।
हरीयो सो पूठौ बांर हाथ मं, बांचनी सुतर बखाण,
ऊंचे सिंहासन म्हाराजसा रो बैठणो, नीचे पुरखत्यां रो ठाठ।
भायां तो वाणी आपरी झेलसी, बायां तो सुण रे बखाण।
म्हें थांन मालण बरजीयो इण बिध मरवो मत बाय, इण विध साध पधार गोचरी, श्रावक जोवे बांरी बाट म्हें थांन मालण बरजीयो..
(तीर्थंकरो के नाम से भाच्यां आगे बढ़ाते हैं)
मिसरी( badhao2)
शहर बीकाणे में मिसरी घणी छ, मिसरी री बोरयां मंगावो (सुसरोजी का नाम लेना) थांरोड़ी कुल बहू करी रे अठाई। अठाई करी रो कांई फल होसी।
अन्न होयसी, धन होयसी, लाख होयसी, लक्ष्मी होयस पुत्रां रो परिवार होयसी, काया रा निस्तार होयसी, बहू रे (पति का नाम लेना) दे करी रे अठाई। (इसी प्रकार नाम लेकर गाना है)