Mandir Masjid Girja Ghar Me

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.

मन्दिर मस्जिद गिरजाघर

तर्ज (Tune): खड़ी नीम के नीचे

भजन के बोल / Lyrics

मन्दिर मस्जिद गिरजाघर में बांट दिया भगवान को,
 धरती बांटी, सागर बांटे, मत बांटो इन्सान को ॥ ध्रुव ॥
अभी यह राह तो शुरू हुई है लेकिन मन्जिल दूर है, उजियाला महलों में बंदी, हर दीपक मजबूर है।
मिला न सूरज का संदेशा, मत रोको प्रस्थान को ॥१॥
धरती बांटी..
धर्म नाम पर बनी दीवारें दिल से दिल ना साध सके, जाति पंथ की सीमाओं में उसका रूप न बांट सके । 
ऊंच नीच का भेद मिटा, पाये घट-घट भगवान को ॥२॥
धरती बांटी……
मैं गरीब हूं तूं अमीर यह लघु विराट की खाई है,
 स्वार्थों का सौदा कर हमने अपनी धाक जमाई है।
ना कुछ मेरा ना कुछ तेरा, पाएं इस वरदान को ॥३॥
धरती बांटी……….
दिया गया विश्वास ये छूटे मन की गांठें न खुले, 
गिरतों की वैशाखी बन कर दीये से दीया जले। 
मंजिल एक हमारी सबकी, सफल करें अभियान को ॥४॥

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