Tapasya (तपस्या)

Guru

Guru Mera Mandir Guru Meri Pooja

गुरु मेरा मन्दिर गुरु मेरी पूजा  गुरु मेरा पारब्रह्म और न दूजा गुरु मेरा दाता भाग्य विधाता -2.  हर सुख साधन का गुरु ही प्रदाता- 2  गुरु मेरा मंदिर, गुरु मेरी पूजा-२ 2 गुरु मेरी नैया गुरु ही खैवेया  गुरु मेरी मंजिल गुरु मेरी छ्या  गुरु मेरा मंदिर गुरु मेरी पूजा – 2 3. गुरु […]

Guru

Aao Aao Gurudev Aao

(लय- धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले) आओ आओ आओ गुरुदेव आओ भक्तों को मत तरसाओं हमे हमारे देव भाग्य पर नाज महाश्रमण मेरे मुख-२की आवाज  गुरु का सिर हाथ बने शासन नाथ -2 करते अर्पित श्रद्धा सुमन हम देखे — कम से कम पन्द्रह दिन का का आवास  सब आगे बढ़े, इतिहास गर

Guru

Teri Jay Ho Teri Jay Ho

* महाप्रज्ञ श्रमण स्तुति।  (लय – दिल हूम हूम करे) तेरी जय जय जय हो तेरी जय हो तेरी जय जय जय हो तेरी जय हो हर भक्त पुकारे भगवन तुम अजर अमर अक्षय हो (1) गर्मी की दुपहरी में बादल बन छाते, तुम,  बादल जब-जब बरसे छतरी बन जाते, है  शरण तिहारी पग-पग पर

Guruvar

Aaye Hai Sharan Teri

।। श्री गुरुदेव वन्दना ।। (तर्ज-होठों से छूलो तुम…) आये है शरण तेरी, गुरूदेव कृपा कर दो,  इस दीन दुखी मन में, आनन्द सुधा भरदो ।। टेर ।। बड़ी दूर से चलकर मैं, तेरे द्वार पे आया हूँ,  श्रद्धा के सुमन चुनकर, दिल में भर लाया हूँ,  स्वीकार करो मुझको, चरणों मे जगह दे दो

Guru

Poora Dhyan Laga

गुरुवर दौड़े-दौड़े आऐंगे पूरा ध्यान लगा गुरुवर दौड़े-दौड़े आऐंगे  पूरा ध्यान लगा तुझे गले से लगाऐंगे   मंन की अँखिया खोल तुझको दर्शन वो कराएंगे है  राम रमैया वो, है कृष्ण कन्हैया वो वही मेरा ईश्वर है निष्काम राहों पर चलना जो सिखाए,  वही मेरा जगदीश है प्रेम से पुकारे तेरे पास वो तब आएंगे, पूरा

Guru

Har Sans Me Ho Sumiran Tera

(लय- झिलमिल सितारों का आंगन होगा) हर साँस में हो सुमिरन तेरा,  यूँ बीत जाये जीवन मेरा,।  तेरी पूजा करते बीते साँझ सवेरा,  यूँ बीत जाये जीवन मेरा ।। नैनो की खिड़की से तुमको पल पल मै निहारूँ  मन में बिठालू, तेरी आरती उतारूँ  डाले रहू तेरे चरणों में डेरा,  यूँ बीत जाए जीवन मेरा

Guru

Meri Lagi Guru Sang Preet

गुरुजी भजन मेरी लगी गुरु संग प्रीत, ये दुनिया क्या जाने  क्या जाने भई क्या जाने, क्या जाने भई क्या जाने,  मुझे मिल गया मन का मीत, ये दुनिया क्या जाने,  मेरी लगी गुरु संग प्रित, ये दुनिया क्या जाने।। बाजी जब गुरुवर से लगाई, पलट गया पासा  मेरी हार हो गई जीत, ये दुनिया

Adhyatmik, Nirgun, Satsang

Chhodo Kyu Koni Krodh Ro Nasho

छोडो क्यूं कोनी।   (तर्ज : मन्दिर में कोई ढूंढ़ती फिरै…) छोड़ो क्यूं कोनी क्रोध रो नशो ? थांरी आंख्यां में लोही रो ऊफाण । छोड़ो क्यूं कोनी क्रोध से नशो ?  थांरी अक-बक बकणै री पड़गी बाण ।  दूजां नै कालै नाग ज्यूं डसो ।। क्रोध बड़ो दुर्गुण दुनिया में, घट-घट में बसनारो ।  जिण

Adhyatmik, Mangal Bhavna

Sabka Mangal Hoy Re

सबका मंगल होय रे तेरा मंगल, मेरा मंगल सबका मंगल होय रे सबका  मंगल सबका मंगल सबका मंगल होयरे  जिस जननी ने जन्म दिया है उसका मंगल होयरे  जिस गुरु ने ज्ञान दिया है उसका मंगल होयरे   जिस पिताने पाला पोसा उसका मंगल होय रे  इस जगत के सब दुखियारे प्राणी का मंगल होय रे 

Deeksha

Diksha Ki Bela Aayi

(तर्ज-मायरे की बेला) दीक्षा की बेला आई, देते हम तुमको विदाई,  गृहस्थ जीवन को जा रही छोड़ के  देखो ढोल नगाड़ा बाजे द्वार है हो बहना जन्मों तक तेरा उपकार है  (नाम)बाबुल का आंगन  छोड़ा, माता का आंचल छोड़ा बहन भाई को छोड़ा, साथी बचपन के छोडे  आजादी तुमने पायी, जिनवर से प्रीत लगाई  जन्मों

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