Mahashraman Chalisa &Aarti
श्री महाश्रमण चालीसा रचनाकार-मुनि श्री कमल कुमार जी ।। दोहा ।। महिमा गुरू महाश्रमण की, फैल रही चहुं ओर। भूतल में उतरी नई, स्वर्ण सुहानी भोर ।।।।। महाप्रज्ञ वर से मिला, तेरापथ का ताज। महाश्रमण जुग जुग तपो, अंतर की आवाज ।।2।। चालीसा का पाठ नित, करें सुबह या शाम। नियमित दिनचर्या बने, मन पर […]