Paryushan Parv Hariday Me Ullas Bhar Raha
यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्व पर्युषण हृदय उल्लास भर रहा। जागरण का जागरण का, अनवरत आह्वान कर रहा। २. जन्म मृत्यु अनन्त अब तक हो गए चेतन । और होते ही रहेंगे, ज्ञान कर चेतन ! मोह का मोह का, है उदय जिससे चक्र चल रहा ॥ २. […]