Jain Bhajan

Jain Bhajan, Paryushan

Paryushan Parv Hariday Me Ullas Bhar Raha

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्व पर्युषण हृदय उल्लास भर रहा। जागरण का जागरण का, अनवरत आह्वान कर रहा। २. जन्म मृत्यु अनन्त अब तक हो गए चेतन । और होते ही रहेंगे, ज्ञान कर चेतन ! मोह का मोह का, है उदय जिससे चक्र चल रहा ॥ २. […]

Jain Bhajan, Paryushan

Paryushan Yah Parv Mahan,

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. (तर्ज : मेहंदी रची थारै) पर्युषण यह पर्व महान्, करते हम दिल से सम्मान।  छाई अजब बहार हो, हर घर घर में। १. चौरासी के चक्कर में, हम सबने जन्म किए कितने ।  जन्म मरण की परम्परा में, सहन वेदना की हमने।  अब तो

Jain Bhajan

Piya Girnar Na Jao

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पिया गिरनार ना जाओ (तर्ज : कर सोला सिणगार, चाली पाणी ने पणिहार….)  पिया गिरनार ना जाओ, तुम्हें राजुल बुलाती है, तुम्हें राजुल…। मुझे ना छोड़कर जाओ, तुम्हें राजुल बुलाती है, तुम्हे राजुल…।। ध्रुव ।। पिया लौटा के रथ अपना, क्यूं मेरे दिल को

Jain Bhajan

Prat Uth Parmeshti Vandan Karu Sada Nishkam- (Somlataji)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. प्रातः स्मरणीय गीत रचयिता शासन श्री साध्वी सोमलता जी  लयः कितना बदल गया प्रातः उठ परमेष्ठी वंदन करूं सदा निष्काम  शांति रहेगी आठों याम ।। सदा।। ऋषभ अजित संभव अभिनंदन, सुमति पद्म प्रभु पाप निकंदन।  नाथ सुपार्श्व चंद्रप्रभु सुविधि, शीतल प्रभु से चाहूं सिध्यि।

Jain Bhajan

Prath Uth Parmeshthi Vandan

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. प्रातः उठ परमेष्ठी वंदन करूं (लय : कितना बदल गया संसार ) प्रातः उठ परमेष्ठी वंदन, करूं सदा निष्काम। शांति रहेगी आठों याम। १. ऋषभ, अजित, संभव, अभिनन्दन, सुमति, पद्मप्रभु पाप निकंदन, नाथ सुपार्श्व, चंद्रप्रभु, सुविधि, शीतलप्रभु से चाहूं सिद्धि, समरूं नित श्रेयांसदेव अरु

Jain Bhajan

Pyari Pyari Lage Navkar

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. -: प्यारो प्यारो लागे नवकार :- (लय : नखरालो देवरीयो..) प्यारो प्यारो लागै नवकार, हिवड़े में म्हारै बसग्यो – २ म्हारै बसग्यो – रे भाया म्हारै बसग्यो – २  अमृत सो,  लागै नवकार, हिवड़े में म्हारै बसग्यो ॥ ध्रुव ॥ मंत्र घणो उपकारी ओ

Jain Bhajan

Pyaro Pyaro Lage Navkar

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. प्यारो प्यारो लागेनवकार हिवड़े में म्हारे बसग्यो म्हारे बसग्यो, म्हारे बसग्यो  मंत्र घणो उपकारी ओ है गुण रो एक खजा‌नो हो-2  दोरी बेला  आडो आवे पांच पदा रो शरणो हो  चोखो चोखो लागे नवकार  हिवड़ में म्हारे बसग्यो  मन पंछी न काबू   राखण समता

Jain Bhajan

Rakho Hirade Me Mangal Vitrag Bhawna.,&. Om Mangalam

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. (लय : चमकै दुनिया में) मंगल वीतराग भावना राखो हिरदै में मंगल वीतराग भावना, अपणो कल्याण करसी अपणी साधना, मंगल वीतराग भावना ।। जागै भीतर में शक्ति वर्धमान ज्यू, भक्ति हनुमान ज्यू, विरक्ति भरत महान ज्यू, मुक्ति जम्बू प्रधान ज्यू,  मंगल वीतराग भावना ।।

Jain Bhajan, Santhara

Samyag Gyani Samyag Darshi (संथारा)

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. निर्वाण का मार्ग (तर्ज कितना बदल गया इन्सान) सम्यग ज्ञानी, सम्यग दर्शी, सम्यग् संयमवान,  उसी को मिलता है निर्वाण। शास्त्र शास्त्र में, स्थान स्थान पर बोल गए भगवान, उसी को मिलता है निर्वाण । टेर।। जीव तत्व हूं, जड़ से निराला, पुण्य शुभ है

Jain Bhajan

Sans Sans Me Rahe Ninadit Mahamantra Navkar

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. (बार-2 तोहे क्या समझाऊं) सांस सांस में रहे निनादित महामंत्र नवकार  ले-ले सहारा हो जाए बेड़ा पार ।। महामंत्र नवकार हृदय का अमृत है।  एक-2 अक्षर ऊर्जा से संमप्रक्त है।  जपे जाप तो खपे पाप यह लोकोत्तर उपहार । पूज्य स्मरण से पजो करता,

Scroll to Top