Sans Sans Me Rahe Ninadit Mahamantra Navkar

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song.

(बार-2 तोहे क्या समझाऊं)
सांस सांस में रहे निनादित महामंत्र नवकार 
ले-ले सहारा हो जाए बेड़ा पार ।।
महामंत्र नवकार हृदय का अमृत है।
 एक-2 अक्षर ऊर्जा से संमप्रक्त है। 
जपे जाप तो खपे पाप यह लोकोत्तर उपहार ।
पूज्य स्मरण से पजो करता, दिनकी शुरुआत 
उदिता मुदिता शुचिता की होती बरसात !! 
मन प्राणों में नयी शक्ति का होता है संचार ।।
जपते जपते मंत्र राज जो शयन करें  
सोए सुख की नीद शांति से नयनकरें,
मिले तनावों से छुटकारा खुले सिद्धि के द्वार 

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top