यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.
झिणी झिणी ओढ़नी में बरस गई बादली-२ओल्युडी आवे, सांवरिया रे थारी ओल्युडीआवे, परदेसी रे थारी ओल्युडीआवे,
ऊबी जोवे गोरडी जी साजन थारी बाट -२
सूनी सेजा गौरी बिलखें,फागणिये री रात हों होहो—होली आई मतवारी ,थारीसुरतिया प्यारी ,
जाऊं मैं तोबलिहारी ,थारी ओल्युडीआवे
और सहेलियां पिव सन्ग खेले हैं होली,-२
बिन रंग फीकी लागे तनडे री चोली-२
था बिन होली मान कुणे जी खिलावे, रंग गुलाल मारे कुण जी लगावे, मीठी बोले कोयलीजी
बोले दादुर मोर,आओ गोरी का साहिबा थे हो महारा चितचोर ,आई बागा में बहार, घर आओ भरतार,महारी जोड़ी दिलदार ,थारीओलयुड़िआ वे
नींद न आने आवे थारी याद सतावे, नींद ना आव नैणा भर भर आवे
काजल सारू पिया बिंदिया लगाऊं-२
हांथा री मेहंदी मारी कुणने दिखाउ-२
हांथारा कंगना महारा थाने ही बुलावे
पगा री पायलडी ढोला थाने ही बुलावे सांवरिया —चांदा थारे चांदनी म घाली छत पर खाट -२
था बिन साजन सूनी लागे तारा छाईरात-२
थाने मन में बसाउ, मान हींवड़े लगा थारी
करूं खड़ी रे मनुहार ,थारी गौरी बुलावे था री मरवण बुला वे, सांवरिया रे थारी ओल्युडीआवे —