यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
भजन
तर्ज (Tune): – फिल्मी – जहाँ डाल-डाल पर सोने की
भजन के बोल / Lyrics
जहाँ चाल-चाल सब आये यातरी, रुणीचा करे बसेरा।
क्या धाम है बाबा तेरा।
जहाँ नमन करे आ दूर-दूर से, दर्शन से सुख हो घनेरा।
तुम्हें नमस्कार है मेरा ॥ टेर ॥ जहाँ गरीब अमीर का भेद नहीं, सब एक हैं तेरे दर पे।
जहाँ रंग रुप काला गोरा, सब भूल जाये पल भर में। जहाँ दुःख चिन्ताएँ भूल के सब, खुश नजर आये हर चेहरा ॥१॥
क्या धाम है बाबा तेरा….
जहाँ रोगी कुष्ठी अन्धे अरु पंगु मिल सारे आते । जहाँ निर्धन और निपुत्र भी, मन चाहा वर पा जाते । अन्धेरा मिटा के दुःख का बाबा करते सुख का सबेरा ॥२॥
क्या धाम है बाबा तेरा….
जहाँ मन्दिर में पग रखते ही, वहाँ बदले निराशा आशा में, इच्छाएँ कर देते पूर्ण जो, स्वर्ग-सा सुख मिलता है। मुर्झाया मन खिलता है। भक्त बनेगा गहरा ॥३॥
क्या धाम है बाबा तेरा…..
सोने के छत्र कई ध्वजा नारियल घोड़ा कपड़े का चढ़ाये। तेरे ‘मूल’ के पास है इतनी भेट, तेरा गुण गा-गा के सुनाये। सदा रहे तेरे चरणों में चित्त, माँग रहा मन मेरा ॥४॥
क्या धाम है बाबा तेरा…..