यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints.
तर्ज (Tune): बहुत प्यार करते है तुमको सनम
भजन के बोल / Lyrics
महावीर-चरणों में करते नमन
देते हो नाथ! तुमही सबको शरण
1 अंधकार में सूरज बन भू पर आए।
तपती दुपहरी में बन घन मंडराये ।
त्रिशला की गोद में था हुआ अवतरण ।।
राजमहल तजकर संजम अपनाया।
भोगो से त्याग का पथ श्रेष्ठ बतलाया ।।
किया परम संपदा का प्रभु ने वरण ।।
पावापुरी में शिवपुर प्रभुवर सिधाये
गहन अमा में दीपक थे जगमगाये ।
दूर तब आत्माका हुआ आवरण
अवतरण