Mere Sativar Karo Swikrit

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.

 मेरे सतिवर करो स्वीकृत 

तर्ज (Tune): मेरा जीवन कोरा…..

भजन के बोल / Lyrics

मेरे सतिवर करो स्वीकृत वंदना शत् बार
 अथक श्रम से,धर्म की तुमने बहाई धार।।
अमर पथ के पथिक बन तुम बह रहे ज्यों नीर 
लक्ष्य पाने बढ़ रहे हो त्यों बड़े रणधीर 
हर घड़ी-२ रूं रुं में संयम की उठे झंकार।।
नहीं किसी की चीज़ कभी भी तुम चुराते हो। 
पर हमारा मन चुराकर कैसे दूर जाते हो
 बह रही-२ नयनों से अविरल आंसुओं की धार।।
ज्ञान का आलोक दे सतपथ दिखाया था
 प्रेम से जन जन में श्रद्धा दीप जलाया था
 कर दिया-२ बेजान में भी प्राण का संचार।।
भूल सारी भूल हमको दो क्षमा का दान 
स्वस्थ तन मन से निरंतर कर रहे संगान 
सफल हो-२ संयम की यात्रा है यही उद्‌गार।।
लयः-मेरा जीवन कोरा…..
(लय- यशोमती मैया से बोले नंदलाला)
७६. सतिवर के चरणों में
सतिवर के चरणों में बंदन हमारा
 तुमने बहाई निर्मल नैतिक धारा ।।
संयम के अनुरागी तुम मुक्ति के राही
 सरिता के नीर सम हो शीतल प्रवाही
 त्यागी के आगे झुकता-हो-आलम सारा ।।
ज्ञान का दीप तुमने जिगर में जलाया 
सुप्त हृदय को आकर प्रेम से जगाया 
धर्म का मर्म देकर-हो-हमको उबारा।।
देते विदाई अंखियां नीर भराये
 भावुक मन को कैसे हम समझायें 
भूल न जाना हमको-हो-आना दुबारा ।।
लक्षित मंजिल पर तुम बढ़ते ही जाना 
शासन की गरिमा को शिखर चढ़ाना
 उपकार याद हरदम-हो-रहेगा तुम्हारा।।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top