यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.
तर्ज (Tune): जहाँ डाल-डाल पर सोने….
भजन के बोल / Lyrics
हर सांस-सांस में एक नाम है, महाप्रज्ञ प्रभु प्यारा, सौभागी संघ हमारा। योगीश्वर गुरु पाकर के,
आलोकित गण है सारा, सौभागी संघ हमारा।
जय गुरुवरम्, जय गुरुवरम्, जय गुरुवरम्, जय गुरुवरम्
१. अमित कोष है भरा ज्ञान का, सागर ज्यों लहराए नरभिमान जीवन की गाथा, गीत वासन्ती गाए-२
पग-पग पुण्य निधान, चरण में बहती अमृतधारा।
२. मार्यादा, अनुशासन अपनी, विजयध्वजा फहराते, श्रद्धा और समर्पण से हम, जीवन धन्य बनाते-२
संघ-चतुष्टय चरण बढ़ाएं, होता जहाँ इशारा।
३. हिंसा और तनाव जगत में उगल रहे विष ज्वाला, समाधान है अणुव्रत, प्रेक्षाध्यान अपूर्व निकाला-२
सघ-पुरुष हो सदा चिरायु, सबका सबल सहारा।