Dance, Holi, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Piya Aao To Manade Ri Bat Karlya

 पिया आओ तो , बाटड़ल्या थारी  जोवती म्हारी आंखड़ल्या दिनरात i  आओ म्हारा साईबा तो कोई करल्या  मनडे री  बात ii  पिया आओ तो ,हो जी पिया आओ तो  मनडे री बात करलया  पिया आओ तो  था की बातड़ल्या म आज पूरी रात करल्या -२  पिया आओ तो  आज्या रे आज्या रे मतवाला ढोला आया […]

Dance, Geet, Holi, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Goradi Kar Solah Sinagar

 गोरडी कर सोलहा सिंणगार  गोरडी कर सोलहा सिंणगार चाली पाणी न पणिहार, पाणी न पणिहार, चाली पाणी न पणिहार , गोरडी कर सोलह सिंगार चाली पाणी न पणिहार——–  खाली  बैठ बेमाता रूपा दे उणिहार , नेण नखत का तीखा जाणे बिजली के पल्कारे , ले चंदा स्यु रूप उधार ,चाली पाणी न पणिहार  बूँटया वाली

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Aayo Aayo Teej Tinwar Ramsya Anganiye

 “आयो आयो तीज तिंवार”  रंगीलोसावन  आयो  रे ,सुरंगो सावन आयो रे  बरखा री बूंदा ल्यायो रे हठीलो सावन आयो रे  आयो आयो तीज तिंवार रमस्या आंगणिये  बादल गरजे बिजलिया चिमके कया  आऊजी पिया अब मै घर से  रिमझिम पड़े है फुहार रमस्या आंगणीये  अमवा की डाली पे बोले कोयलिया  मीठी मीठी बोले जाणे बजे बाँसुरिया 

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Chhoti Nanduli Ko Byav Krade Rasiya

 छोटी ननदुली को ब्याव  छोटी नंदुली को ब्याव करादे रसिया या नंदुली तो महासे आडि  टेडी चाले -२  दिन उगता ही महासू पिसनो पिसावे-२  कोई गाया कोदूध दुहावे  रसिया—-   महासू तो सारे  घरको पाणीड़ो भरवावे -२ म्हारी पतली कमर लुल जावे रसिया — भरी दोपहरी महासू रोटियां बणवावे-२  ,  गौरा हाथ म छाला पड़ जावे

Krishna Ji, Shyam

Thali Bharkar Lyayi Re Khichado

 थाली भर कर ल्यायी रे खीचड़ो , थाली भरकर खीचड़ो ऊपर घी की बाटकी,  ,जीमो म्हारा श्याम धणी जिमावे बेटी जाट की  बाबो म्हारो गांव गयाों है  ना जाणे कब आवलो, उक भरोस बैठो रेवलो भूखो ही रह जावेलौ , आज जिमाऊ तने खीचड़ो काल राबड़ी छाछ की I जीमो म्हारा श्याम धणी जिमाव बेटी जाट

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Khadi Neem Ke Niche Me To Ekali

 खड़ी नीम के नीचे म तो एकली जातोडो बटाऊ म्हाने ओले छाने देखली, छाने छाने देख ली-२  किसे देश सु आयो भंवर जी किसे देश थे जाओला -२  कुंणा  सा रा कँवर लाडला साच्ची बात बताओला  मै थाने पुछु खड़ी कँवर जी एकली ,जातोडो बटाऊ म्हाने ——- परदेसी बलम रसिया म जोउ थारी बाटड़ली -2

Bana Bani, Bani, Shadi, Vivah Geet

San Sana San Say Say Ho Rahi Thi Rail Me,bani

RAIL ME BANA BANI -BANI सन सना सन सायं सायं हो रही थी रेल में -२  पहले डब्बे में बनी के सारे ससुरजी  बैठे थे -२ राजनैतिक राजनैतिक हो रही थी रेल में ——–  दूसरे डब्बे में बनी की सारी सासुएँ बैठी थी -२  हरे रामा हरे कृष्णा हो रही थी रेल में —– तीसरे

Dance, Geet, Holi, Marwari Lokgeet, Rajsthani

Pallo Latake Re Mharo

 पल्लो लटके  पल्लो लटके गौरी रो पल्लो लटके -२  जरा सो -३  ऊं-चो लेले गौरी पल्लो भीग जावेलो -२   लाल मंगायो पोमचो जी हरी लगायी कोर  अंगिया रेशम की बनी देदी दादर पे मोर  जरासो जरासो-२  टेढ़ो होजा बालमा म्हारो पल्लो लटके  पल्लो लटके गौरी रो पल्लो लटके  घूँघट म बिजल्या चमकावे गौरी थारी आँख

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Bhabhi Thaare Ghunghtiye Par Mor Bole

 भाभी थारे घुंघटीये पर मोर बोले  भाभी थारे  घुंघटीये पर मोर बोले -२ अरे ना ना नणदल बाईसा थारो वीर डोले -४  भाभी थारे काना करणफूल बोले -२  अरे न ननणदल बाईसा थारो वीर झूलें -२  भाभी थारे गलपटिये में हीरा चमके -२  अरे ना ना नणदल बाईसा थारो वीर दमके-४  महला जाता भाभी तेरी

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Poorab Ki Naukari Ji

 पूरब कीनौकरी जी  पूरब की नौकरी जी मेरो परदेसी घर आये -२  धायी थारी नौकरी जी मेरो घणो ही कमाऊ घर आये -२  पूरब की नौकरी जी —- चांदा थारे चाँदने जी कोई छत पर घाली खाट -२  गया न राजन बावडयो जि कोई रातू जोई बाट  पूरब की नौकरी जी——– मेँ म्हारी माँ क

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