Tap Ki Aavaj, Varshitap Geet

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.

तर्ज (Tune): मेरे सर पर रख दो

भजन के बोल / Lyrics

तपस्वी के कण-कण में गूंजे तप की ही आवाज,
 खूब बधाई लीजिये, तुम पर हमको नाज,
 वर्षीतप मंगल मंगल, तपस्या संबल संबल ।।
1. तप से आती तरुणाई, उससे तन मन स्वस्थ रहे, प्रतिदिन जिनके चले दवाई, वे भी तन में मस्त रहे।
 यह जीर्ण रोग भी मिटते, है वेदों का अंदाज ।। 
खूब बधाई लीजिए तुम पर हमको नाज ॥
2. अक्षय तृतीया पर देखो, तप के मोती बरसेंगे, 
घर-घर में तप की हरियाली, जन-जन के मन हरसेंगे, बढ़ने गढ़ों इतिहास नया तुम हम देंगे यूं ही साज ।।
3. तपस्या का बल देखो जग में, देवों को अधीन करें 
राजे और महाराजे आकर, उन चरणों में शीश धरे
 है महातपस्वी मेरे, महाश्रमण गुरुराज ।।
4. वर्षीतप का तप साधन कर,  कुल का रोशननामकिया, 
बहिना है बड़ी तपस्वी, परिजन ने गुणगान किया है
 यही भावना सब की, तुम पहनो तप का ताज।।
 खूब बधाई लीजिए तुम पर हमको नाज। वर्षीतप मंगल मंगल, तपस्या संबल संबल

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top