यह जैन तीर्थंकरों और संतों की वंदना का भजन है — भक्ति और स्वाध्याय के लिए। A Jain devotional song honoring the Tirthankaras and saints.
तर्ज (Tune): – मंगल भवन अमंगल हारी
भजन के बोल / Lyrics
विघ्न विनायक मंगल दायक शासन नायक
शांति विधायक
वीर महावीर, जय -2 वीर महावीर
प्राप प्रणाशी सिद्धी निवासी
तिमिर हरण प्रभु ज्ञान प्रकाशी
वीर महावीर जय-2 वीर महावीर
ज्योति चरण जग शरण तुम्ही हो,
जीवन पावन करण तुम्ही हो
वीर महावीर जय जय वीर महावीर
घट घट के तुम अन्तर्यामी
पतितोद्धारक शिव सुख कामी
वीर महावीर जय जय वीर महावीर
पल-2 निश्चल तुमको ध्याऊं
विजय आत्म बल संबल पाऊ
वीर महावीर जय जय वीर महावीर