Aaya Aaya Dar Tere

आया आया, दर तेरे आया

(तर्ज : साजन….साजन ..3)
आया आया, दर तेरे आया मैय्या मैय्या ओ प्यारी मैय्या मैय्या दर तेरे आया हो द्वार तेरे आकर मैने सुख चैन है पाया…
खुशियों से भरती, तु सबका दामन कुछ ना मिलता भक्तों को हरदम जितना मिला मुझको कुछ भी नहीं है कम आज मेरा नम्बर है तो कल तेरा आया
 मैय्या तेरे दर
आ जावों मैय्या, बुला रहा इंसान दर को सजाया है, तु सबकी मेहरमान सबने बनाएं है, नए पकवान खबर तेरी आने की सुन मेला लग पाया
मैय्या तेरे दर
रिश्ता नहीं कुछ भी रिश्ता है गहरा साथ निभना है क्या तेरा मेरा घर मेरे आना है, वादा है तेरा भक्त मण्डल दास तेरा अरदास है लाया । मैय्या तेरे दर

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