(लय – इन लहरिए रा नौ सो रुपिया रोकड़ा सा)
मैं तो मायरे री रस्म निभाने आया, बहना थाने चुनरी ओढ़ाने आया
मैं तो मायरे में धूम मचाने आया भाई थाने चुनरी ओढ़नी आया
भाई भतीजा साग भावज आई -२भावज आई भात मोकलो है लाई -२
एतो भाई थारो लाड लडाने आया -२
मायरो रो उत्सव धूमधाम से मनाऊं -२
सगला र बीच थाने चुनरी चढ़ाई-२
भाई( भाई कानाम) थारो मान बढ़ाने आया -२
मैं तो मायरे री रस्म निभाने आया